कोलकाता : बस परिचालन को लेकर दो धड़े में बंटे संचालक, दैनिक यात्री परेशान

प्रतीकात्मक फोटो, साभार : गूगल

कोलकाता : बंगाल सरकार ने सोमवार से सरकारी और निजी बसों के अंतर-जिला परिचालन की अनुमति दे दी, लेकिन निजी बस संचालक सामाजिक दूरी के नियम के चलते कम यात्रियों के साथ सेवा बहाल करने को लेकर बंटे हुए हैं। बस मिनीबस समन्वय समिति ने कहा कि वह कुछ मार्गों पर प्रायोगिक रूप से बसों का परिचालन शुरू करेगी जबकि ज्वाइंट कांउसिल ऑफ बस सिंडिकेट्स ने कहा कि मौजूदा किराए पर केवल सीटों के अनुपात में यात्रियों के साथ बसों का परिचालन संभव नहीं है और इससे उन्हें घाटा होगा।

ज्वाइंट कांउसिल ऑफ बस सिंडिकेट्स के महासचिव तपन बनर्जी ने कहा कि परिषद ने रविवार को हुई बैठक में फैसला किया कि वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और परिवहन मंत्री सुवेंदु अधिकारी को मंगलवार को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें किराए को नये सिरे से तय करने के लिए नियामक निकाय बनाने की मांग की जाएगी।

राज्य में बस मालिकों के एक अन्य संगठन बस मिनीबस समन्वय समिति के सचिव राहुल चटर्जी ने कहा कि कोलकाता और अन्य जिलों के कुछ मार्गों पर सोमवार से बसों का परिचालन प्रायोगिक आधार पर शुरू किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने मांग की कि सरकार मालिकों को बिना घाटा परिचालन करने के लिए किराया बढ़ाने पर विचार करे।

चटर्जी ने कहा, ‘‘बसों का परिचालन 22 मार्च से बंद है। इन बसों को दोबारा सड़क पर उतारने के लिए बहुत पैसा खर्च करना पड़ा है। हम सरकार से उस अवधि के लिए पथकर में छूट देने की मांग करते हैं, जिस अवधि में इन बसों का परिचालन नहीं हुआ। केंद्र से भी बीमा की प्रीमियम राशि कम करने के लिए हस्तक्षेप की मांग करते हैं।

उल्लेखनीय कि पश्चिम बंगाल सरकार ने शनिवार को जारी आदेश में एक जून से बसों का अंतर जिला परिचालन करने की अनुमति दे दी थी, बशर्तें सीटों से अधिक यात्री नहीं हो।  बंगाल परिवहन निगम पहले ही 40 मार्गों पर बसों का परिचालन कर रहा है।

 

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