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दीघा सेक्शन के विकास और समस्याओं पर DRM से यात्री संगठन की संवाद बैठक

तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। दीघा सेक्शन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और विकास के सुझावों पर चर्चा के लिए पाशकुड़ा-हल्दिया-दीघा दक्षिण पूर्व रेलवे पैसेंजर्स वेलफेयर एसोसिएशन के दीघा यूनिट के पदाधिकारियों ने खड़गपुर के डीआरएम ललित मोहन पांडेय से मुलाकात की।

इस वार्ता में एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक कुमार जाना, सह-अध्यक्ष सागर पंडा, कोषाध्यक्ष चित्तरंजन बन एवं वरिष्ठ सदस्य स्वपन कुमार जाना उपस्थित थे।पदाधिकारियों ने बताया कि डीआरएम ने सकारात्मक रूप से कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

नए कालिकाखाली स्टेशन को मंजूरी मिल चुकी है और फरवरी से इसका निर्माण कार्य शुरू होगा। साथ ही, लवण सत्याग्रह स्मारक, नाचिंद्रा और आशापूर्णा देवी नामक तीन नए हॉल्ट स्टेशनों को ब्लॉक स्टेशन में बदलने की सहमति भी मिली है, जिसे जल्द लागू किया जाएगा।

हेडिया स्टेशन के लिए भी सुधारों पर विचार करने का आग्रह किया गया। सुबह की विशेष पैसेंजर ट्रेन के नियमित संचालन के लिए जोरदार प्रस्ताव दिया गया, जिस पर अधिकारियों ने समर्थन जताया। नया जनवरी टाइमटेबल इसी के आधार पर तैयार किया जाएगा।

इसके अलावा, वर्तमान में सप्ताह में चार दिन चलने वाली लोकल ट्रेन को दैनिक चलाने का सुझाव डीआरएम ने नोट किया।फिलहाल डबल लाइन निर्माण की बजाय ब्लॉक स्टेशन बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। दीघा-जलेश्वर परियोजना योजना के चरण में है, जबकि नंदीग्राम परियोजना प्रगति पर है।

कांथी-एगरा, दीघा-एगरा और नंदकुमार-बलैयपोंडा जैसी परियोजनाओं को भी डीआरएम ने संज्ञान में लिया है। नए ट्रेनों के प्रस्ताव रेल बोर्ड को भेजे जाएंगे।दीघा, कांथी और रामनगर के प्लेटफॉर्म को 22 कोच की ट्रेन के अनुसार बढ़ाने की योजना है और सभी स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।

घोलबागड़ा स्टेशन का निर्माण शीघ्र पूरा कर स्टेशन संचालित करने का आश्वासन भी मिला। एसोसिएशन ने डीआरएम के सामने कई प्रस्ताव और शिकायतें रखीं। दीघा स्टेशन के यार्ड लाइन और चौथे प्लेटफॉर्म के विषय को बाद में देखा जाएगा, क्योंकि इस समय ब्लॉक स्टेशन विस्तार को प्राथमिकता दी गई है।

दीघा-मालदा ट्रेन के समय सारिणी में बदलाव की भी मांग की गई ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। साथ ही, ओडिशा व दक्षिण भारत में चिकित्सा सुविधा के लिए ट्रेन संचालन का सुझाव भी दिया गया।

खड़गपुर-विलुप्पुरम ट्रेन के विषय में रेल बोर्ड पहले से अवगत है।हाल ही में देशप्राण स्टेशन पर हुए रेल अवरोध के संदर्भ में डीआरएम ने स्थानीय यात्रियों से अवरोध से दूर रहने की अपील की।

रेल प्रशासन ने बताया कि दक्षिण-पूर्व रेलवे क्षेत्र में एलएचबी चेयर कार कोच की भारी कमी है, जिसकी वजह से ताम्रलिप्त और कांदारी सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनों के रेक शेयर नहीं किए जा पा रहे हैं। जैसे ही कोच उपलब्ध होंगे, इन ट्रेनों को नया रेक प्रदान किया जाएगा।

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