कोलकाता हिन्दी न्यूज | 14 अगस्त 2026: दक्षिण कोलकाता की चर्चित दुर्गापूजाओं में शामिल देशप्रिय पार्क के बालिगंज सार्वजनिन दुर्गोत्सव समिति की पूजा इस साल विवादों में घिर गई है। पूजा मंडप में कथित तोड़फोड़ के आरोप के बाद सवाल उठने लगे हैं कि 89वें वर्ष में प्रवेश करने जा रही इस पूजा का आयोजन आखिर होगा या नहीं।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल भी तेज हो गई है।
इसी बीच रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक स्वपन दासगुप्त ने पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मंडप को नष्ट नहीं किया गया है, बल्कि देशप्रिय पार्क की पूजा को लेकर दो समितियों के बीच विवाद चल रहा है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, बालिगंज सार्वजनिन दुर्गोत्सव समिति के भीतर कमेटी को लेकर लंबे समय से मतभेद चल रहा है। एक पक्ष का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर कुछ लोगों ने वर्षों से पूजा समिति पर नियंत्रण बनाए रखा है।
विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक सत्ता परिवर्तन के बाद स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने कथित तौर पर पुरानी कमेटी के अधिकार को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसी विवाद के बीच देशप्रिय पार्क में आम लोगों की आवाजाही भी रोक दी गई और पूजा की तैयारियां शुरू कर दी गईं।
इस वर्ष यहां करीब 70 फीट ऊंचा पूजा मंडप बनाने की योजना थी। इसके लिए 28 जून को खंभ पूजा भी की गई थी।
40-50 युवकों पर तोड़फोड़ का आरोप
पूजा समिति की ओर से आरोप लगाया गया है कि 9 अगस्त की रात करीब 8 बजे 40-50 युवक मंडप परिसर में पहुंचे। समिति का दावा है कि युवकों ने बिना किसी सूचना के मंडप में तोड़फोड़ शुरू कर दी और कथित रूप से उत्पात मचाने के बाद वहां से चले गए।
इस मामले में 11 अगस्त को रवींद्र सरोवर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
हालांकि, घटना के संबंध में पुलिस की जांच और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
फिलहाल देशप्रिय पार्क को बंद रखा गया है और आम लोगों के प्रवेश पर भी रोक है।
विधायक स्वपन दासगुप्त ने क्या कहा?
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए रासबिहारी के विधायक स्वपन दासगुप्त ने कहा कि पूजा मंडप को नष्ट नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि देशप्रिय पार्क की पूजा को लेकर दो समितियों के बीच विवाद है। उनके मुताबिक, कोलकाता नगर निगम की ओर से भी करीब 10-12 दिन पहले अलग-अलग जगहों पर स्थिति स्पष्ट करने को लेकर नोटिस दिए गए थे।
विधायक ने यह भी बताया कि कथित अवैध निर्माण को लेकर अदालत में एक मामला चल रहा है।
स्वपन दासगुप्त ने कहा कि वह इस विवाद से खुद को दूर रखना चाहते हैं और आगे भी ऐसा ही करेंगे।
‘दुर्गापूजा का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए’
विधायक ने कोलकाता की दुर्गापूजाओं को राजनीति से दूर रखने की जरूरत पर भी जोर दिया।
उनके मुताबिक, एक दुर्गापूजा समिति ने उन्हें अध्यक्ष बनने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनका सिद्धांत दुर्गापूजा समितियों का अराजनीतिकरण है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सभी दुर्गापूजाओं में जाएंगे, लेकिन किसी पूजा कमेटी का हिस्सा नहीं बनेंगे।
उनका कहना है कि यदि किसी कमेटी के भीतर विवाद है तो उसे संबंधित लोग आपस में बैठकर सुलझाएं और उसमें राजनीति को शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
पार्क खोलना फिलहाल प्राथमिकता
स्थानीय विधायक के तौर पर स्वपन दासगुप्त ने कहा कि फिलहाल उनका पहला लक्ष्य रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पार्कों को आम लोगों के लिए खुलवाने की व्यवस्था करना है।
देशप्रिय पार्क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि विवाद का समाधान कब होगा और क्या इस साल यहां दुर्गापूजा अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित हो पाएगी।
89वें वर्ष में प्रवेश करने जा रही इस लोकप्रिय पूजा को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई और दोनों समितियों के बीच चल रहे विवाद के समाधान पर टिकी है।
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