खड़गपुर। असामान्य कार्यभार थोपे जाने के विरोध में, चार महीने का इंसेंटिव और एक वर्ष का पी.एल.आई. भुगतान न मिलने, मासिक मानदेय 15 हजार रुपये करने, ड्यूटी के दौरान किसी आशा कर्मी की मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये मुआवजा देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर पश्चिम बंगाल आशा कर्मी यूनियन के नेतृत्व में आशा कर्मी 23 दिसंबर से अनिश्चितकालीन कार्यविरति पर हैं।
आज पूर्व मेदिनीपुर जिला अंतर्गत पांशकुड़ा ब्लॉक में लगभग डेढ़ सौ से अधिक आशा कर्मी पितपुर स्थित बीपीएचसी में एकत्र होकर कार्यविरति के समर्थन में प्रचार-प्रदर्शन करते नजर आए। इस कार्यक्रम का नेतृत्व पश्चिम बंगाल आशा कर्मी यूनियन की राज्य अध्यक्ष कृष्णा प्रधान और पूर्व मेदिनीपुर जिला समिति की अध्यक्ष श्राबंती मंडल ने किया।
राज्य अध्यक्ष कृष्णा प्रधान ने कहा, “जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक काम से छुट्टी जारी रहेगी।” उन्होंने आगामी 7 जनवरी को स्वास्थ्य भवन अभियान कार्यक्रम में सभी आशा कर्मियों से शामिल होने की अपील भी की।

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