खड़गपुर। हाल के बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित फूल किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर “ऑल बंगाल फूल चासी ओ फूल व्यवसायी समिति” ने हॉर्टिकल्चर विभाग के सचिव स्मृति महापात्र को एक ज्ञापन सौंपा।
समिति के प्रतिनिधिमंडल ने सचिव से मुलाकात कर फूल किसानों और व्यवसायियों की 6 सूत्रीय मांगें रखीं जिसके तहत फूल को सरकारी ‘कृषि उत्पाद’ के रूप में मान्यता देने, इस मांग के तहत फूल को कृषि उत्पाद के रूप में मान्यता देने और इसके लिए एक प्रतिनिधिमंडल को
दिल्ली भेजकर केंद्रीय सरकार से अनुरोध करने की बात कही गई है। वहीं फूल बाजारों में सुविधाएं बढ़ाने, मल्लिक घाट फूल बाजार समेत अन्य फूल बाजारों में छत, फर्श और अन्य सुविधाएं प्रदान करने की मांग भी की गई है।
साथ ही जिलों में आधुनिक फूल बाजार और कोल्ड स्टोरेज बनाने की भी मांग की गई है। फूल किसानों के लिए बीमा योजना शुरू करने और उन्हें आसानी से ऋण प्रदान करने और हाल के बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित फूल किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की गई है।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व मेदिनीपुर और नदिया जिलों में फ्लोरिकल्चर क्लस्टर योजना शुरू करने और बाद में इसे सभी जिलों में लागू करने की मांग की गई है।
साथ ही फूल परिवहन के लिए ट्रेन और विमान में कोटा प्रणाली शुरू करने और बसों में फूल परिवहन की अनुमति देने की मांग की गई है। सबसे महत्वपूर्ण सरकारी स्तर पर फूल से रंग, अबीर, सुगंधि और अन्य उत्पाद बनाने के लिए कारखाने स्थापित करने की भी मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि वे इन मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उन्होंने मांगों की वैधता को स्वीकार किया और कहा कि वे फूल किसानों और व्यवसायियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए काम करेंगे।
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