Delhis air quality remains in very poor

दिल्ली‑एनसीआर में प्रदूषण से आंशिक राहत, लेकिन हवा अब भी ‘बेहद खराब’ श्रेणी में

दिल्ली‑एनसीआर | 17 दिसंबर 2025 : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बीते कुछ दिनों से चल रही तेज सर्द हवाओं ने वायु प्रदूषण के स्तर में हल्की गिरावट जरूर दर्ज कराई है, लेकिन हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और यूपीपीसीबी के मॉनिटरिंग स्टेशनों से मिले ताज़ा आंकड़ों के अनुसार दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के अधिकांश हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है।

🌁 दिल्ली में हवा की स्थिति चिंताजनक

दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में AQI बेहद खराब स्तर पर रहा—

  • पंजाबी बाग: 336
  • आरके पुरम: 341
  • रोहिणी: 364
  • शादिपुर: 342
  • सिरीफोर्ट: 355
  • सोनिया विहार: 344
  • विवेक विहार: 354
  • वजीरपुर: 359
  • पुसा: 365 (स्थिति और गंभीर)
  • मुंडका: 369 (बेहद खराब)

इसके अलावा—

  • नेहरू नगर: 360
  • नरेला: 342
  • ओखला फेज‑2: 337
  • पटपड़गंज: 331
  • नजफगढ़: 301
  • श्री अरबिंदो मार्ग: 312
  • नॉर्थ कैंपस (DU): 319

ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि हवा में मौजूद प्रदूषक अभी भी खतरनाक स्तर पर हैं।

🏙️ नोएडा और गाजियाबाद में भी हालात बेहतर नहीं

नोएडा

  • सेक्टर‑125: 328
  • सेक्टर‑1: 347
  • सेक्टर‑116: 300
  • सेक्टर‑62: 281 (अन्य क्षेत्रों की तुलना में थोड़ी राहत)

गाजियाबाद

  • इंदिरापुरम: 257
  • लोनी: 328
  • संजय नगर: 292

गाजियाबाद में कुछ इलाकों में AQI ‘खराब’ श्रेणी में रहा, लेकिन समग्र स्थिति अब भी चिंताजनक है।

🌬️ सर्द हवाओं से मिली राहत अस्थायी हो सकती है

विशेषज्ञों का कहना है कि—

  • हवा की रफ्तार बढ़ने से प्रदूषक कुछ हद तक बिखरे
  • लेकिन तापमान गिरने और हवा की दिशा बदलने पर स्थिति फिर बिगड़ सकती है
  • ट्रैफिक उत्सर्जन, औद्योगिक धुआं और निर्माण कार्य प्रदूषण के प्रमुख कारण बने हुए हैं

🩺 स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

  • बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा/फेफड़ों के मरीजों को विशेष सावधानी
  • सुबह‑शाम भारी ट्रैफिक वाले इलाकों से दूरी
  • बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग
  • खुले में व्यायाम से पहले AQI की जांच

🔍 निष्कर्ष

दिल्ली‑एनसीआर में हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार जरूर दिखा है, लेकिन स्थिति अब भी बेहद खराब है। स्थायी सुधार के लिए प्रदूषण नियंत्रण उपायों को सख्ती से लागू करना जरूरी है।

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