कोलकाता, 7 जुलाई, 2025: कोलकाता के सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थानों में से एक – बालीगंज स्थित तीर्थपति इंस्टीट्यूशन्स – ने अपने अपग्रेडेड कैंपस की रीओपनिंग की है। इस नए कैंपस का निर्माण डाबर इंडिया लिमिटेड और एनोबल सोशल इनोवेशन फाउन्डेशन के बीच कॉर्पोरेट सोशल रिस्पान्सिबिलटी के तहत किया गया है।
अपनी समृद्ध धरोहर के बावजूद स्कूल को इन्फ्रास्ट्रक्चर संबंधी कई परेशानियों से जूझना पड़ रहा था, जैसा कि भारत के सरकारी स्कूलों में आमतौर पर देखा जाता है। एन्युअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (एएसईआर) के मुताबिक प्रदेश के केवल 26.5 फीसदी स्कूलों में लड़कियों के लिए अनुकूल शौचालय हैं, मात्र 34 फीसदी स्कूलों में बाउंडरी वॉल है। ये आंकड़े स्कूलों के इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार लाने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हैं।
यह ऐतिहासिक स्कूल अपने गठन के आरंभिक वर्षों में रबिन्द्रनाथ टैगोर के साथ जुड़ा रहा है, स्कूल के एल्युमनाई की बात करें तो इनमें सिनेमा जगत के दिग्गज जैसे आर.डी. बर्मन और प्रदीप कुमार जैसे माने-माने नाम शामिल हैं। बुनियादी सुविधाओं में सुधार के साथ किए गए अपग्रेड 2,200 से अधिक छात्रों को अधिक सुरक्षित, स्वास्थ्यप्रद एवं प्रेरक माहौल प्रदान करेंगे।

डाबर इंडिया लिमिटेड ने शिक्षा एवं समाज कल्याण की दिशा में अपने सीएसआर प्रयासों के तहत तथा इनोबल ने भविष्य के अनुकूल संस्थानों के निर्माण के दृष्टिकोण के साथ स्कूल के कायाकल्प में सहयोग प्रदान किया है।
कायाकल्प के तहत कई महत्वपूर्ण बदलाव लाए गए हैं :
• स्कूल की संरचना में सुधार : स्कूल की इमारत में पूरी तरह से नया प्लास्टर किया गया है, बाहरी पेंट फिर से किया गया है, छात्रों को ध्यान में रखते हुए कलाकृतियां बनाई गईं हैं, जो आकर्षक और अनुकूल माहौल प्रदान करती हैं।
• सेनिटेशन सुविधाएं : सभी तीनों मंज़िलों पर शौचालयों का नवीकरण किया गया है, प्लम्बिंग, टाइलिंग, वाटरप्रूफिंग, यूरिनल, पार्टीशन, वेंटीलेटर और फुल सेनिटेशन अपग्रेड किए गए हैं। ताकि स्कूल के बच्चों खासतौर पर लड़कियों को हाइजीनिक एवं सुरक्षित सेनिटेशन सुविधाएं मिल सकें।
• सुरक्षा एवं सुलभता : रैम्प, खिड़कियों के फ्रेम, ग्रिल और दरवाज़ों की मरम्मत की गई है, ताकि दिव्यांगों सहित सभी छात्रों के लिए सुरक्षा, सुलभता एवं फंक्शनेलिटी को बेहतर बनाया जा सके।
एएसईआर रिपोर्ट के अनुसार इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी खामियां को दूर करने के लिए यूएन के सतत विकास लक्ष्य 4 के अनुरूप ये सभी बदलाव लाए गए हैं, जिसका उद्देश्य सभी के लिए उच्च गुणवत्ता की, एक समान एवं समावेशी शिक्षा को सुनिश्चित करना है।
इस अवसर पर डाबर इंडिया लिमिटेड के सीईओ श्री मोहित मल्होत्रा ने कहा, “हमें गर्व है कि अपनी सीएसआर पहल के तहत हमें स्कूल के रीडेवलपमेन्ट में योगदान देने का मौका मिला है। शिक्षा समृद्ध समाज का आधार है और हमाना मानना है कि हर बच्चे को अनुकूल माहौल में शिक्षा पाने का अधिकार मिलना ही चाहिए। यह प्रोजेक्ट भावी पीढ़ियों एवं समुदायों को सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
तीर्थपति इंस्टीट्यूशन्स में बुनियादी सुविधाओं में सुधार लाकर हम ऐसे स्थान का निर्माण करना चाहते हैं, जहां छात्र न सिर्फ एकेडमिक रूप से बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी विकसित हो सकें। हमें विश्वास है कि इस सुधार से छात्रों को अनुकूल माहौल मिलेगा और वे अपनी पूर्ण क्षमता का सदुपयोग कर अपने सपनों को साकार कर सकेंगे।“
चिराग भंडारी, सीईओ, एनोबल सोशल इनोवेशन फाउन्डेशन ने कहा, “एक ऐसे संस्थान के नवीकरण में योगदान देना हमारे लिए गर्व की बात है जिसने कई पीढ़ियां को शिक्षित किया है। डाबर के सहयोग से इस प्रोजेक्ट को अंजाम देकर हमने साफ कर दिया है कि विरासत को बनाए रखते हुए भी हम भविष्य के लिए तैयार हो सकते हैं।
इस तरह के प्रोजेक्ट दर्शाते हैं कि किस तरह कॉर्पोरेट-कम्युनिटी साझेदारी देश के लक्ष्यों को हासिल करने में योगदान दे सकती है। इस साझेदारी में हमने सुनिश्चित किया है कि हर बच्चे को अनूकूल माहौल में सीखने और आगे बढ़ने का मौका मिले, फिर चाहे वह समाज के किसी भी वर्ग से ताल्लुक रखता हो। देश भर में हज़ारों छात्रों को लाभान्वित करने के लिए हम इस मॉडल को कई और स्कूलों में भी दोहराना चाहते हैं।“
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