कोलकाता | 24 नवंबर 2025 : पश्चिम बंगाल में इस साल सर्दी की दस्तक देर से होगी। बे ऑफ बंगाल में बन रहा चक्रवात ‘सेन्यार’ मौसम प्रणाली को प्रभावित कर रहा है। क्षेत्रीय मौसम केंद्र, अलीपुर ने बताया कि यह चक्रवात 26 नवंबर तक पूरी तरह विकसित हो सकता है और इसके चलते उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएँ बंगाल तक नहीं पहुँच पा रही हैं।
🌟 मौसम विभाग का पूर्वानुमान
- सर्द हवाओं की आमद रुकी: चक्रवात के कारण बंगाल में ठंडी हवा का प्रवाह बाधित है।
- तापमान में गिरावट टली: कोलकाता और दक्षिण बंगाल में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2–3°C अधिक दर्ज हो रहा है।
- सर्दी की शुरुआत देर से: मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि असली ठंड दिसंबर के पहले सप्ताह से महसूस होगी।
केन्द्र के अनुसार बे ऑफ बंगाल में लो-प्रेशर आज सक्रिय हुआ है, जो 24 नवम्बर को डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद 26 नवम्बर तक इसके एक चक्रवाती तूफान का रूप लेने की आशंका है। इस संभावित तूफान का नाम ‘सेन्यार’ होगा, जिसे संयुक्त अरब अमीरात ने सुझाया है।
यह पोस्ट-मॉन्सून सीजन में बे ऑफ बंगाल में विकसित होने वाला दूसरा चक्रवात होगा। इससे पहले चक्रवात ‘मोंथा’ 28 अक्टूबर को काकीनाड़ा के पास आंध्र तट को पार कर चुका है।

⚖️ चक्रवात सेन्यार का असर
- बे ऑफ बंगाल में कम दबाव: 24 नवंबर को यह प्रणाली डिप्रेशन में बदली और 26 नवंबर तक चक्रवात बनने की संभावना है।
- फिशरमैन अलर्ट: मछुआरों को 28 नवंबर तक समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
- दूसरा पोस्ट-मानसून चक्रवात: सेन्यार इस सीज़न का दूसरा बड़ा चक्रवात है, इससे पहले अक्टूबर में ‘मोंथा’ बना था।
मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल चक्रवात सेन्यार के मार्ग को लेकर स्पष्टता नहीं है। लेकिन यदि यह प्रणाली बंगाल और ओडिशा तट की ओर बढ़ती है, तो इसका सीधा असर यहां के मौसम पर पड़ेगा और ठंड की शुरुआत टल जाएगी।
अधिकारी के अनुसार, चक्रवाती प्रणाली के सक्रिय होने पर तापमान बढ़ेगा और सर्दी आगे खिसक जाएगी। यदि यह प्रणाली किसी अन्य दिशा की ओर मुड़ती है, तब भी मौसम में अप्रत्यक्ष बदलाव दिखेगा, जिससे तापमान ऊपर जाएगा, हालांकि इसका प्रभाव लंबे समय तक नहीं रहेगा।
🌍 जनजीवन पर असर
- ठंड की तैयारी टली: लोग अभी तक कंबल और ऊनी कपड़े निकालने की जल्दी में नहीं हैं।
- त्योहारी और शादी का मौसम: नवंबर–दिसंबर में होने वाले आयोजनों में ठंड का असर कम रहेगा।
- कृषि पर प्रभाव: देर से आने वाली ठंड रबी फसलों की बुवाई पर असर डाल सकती है।
अधिकारी ने बताया कि अगले दो दिनों में चक्रवाती प्रणाली की दिशा और तीव्रता को लेकर स्पष्ट संकेत मिल जाएंगे, जिसके बाद विस्तृत मौसम पूर्वानुमान जारी किया जाएगा।
इधर, समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को दक्षिण-पश्चिम बे ऑफ बंगाल में 25 नवम्बर तक और दक्षिण-पूर्व बे ऑफ बंगाल में 28 नवम्बर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। (इनपुट-एजेंसी)
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