स्पोर्ट्स डेस्क, कोलकाता | 26 जुलाई 2026: भारतीय वेटलिफ्टिंग की स्टार खिलाड़ी और ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने एक बार फिर देश का गौरव बढ़ाया है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 48 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इसके साथ ही चानू ने लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने का ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान चार नए कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर लिए।
भारत के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि हाल के समय में भारतीय वेटलिफ्टिंग डोपिंग विवादों के कारण आलोचनाओं के घेरे में रही थी।
ऐसे माहौल में मीराबाई का यह प्रदर्शन भारतीय दल के लिए बड़े मनोबल का कारण बना। इससे पहले ऋषिकांत सिंह ने रजत पदक जीतकर भारत का खाता खोला था।
स्नैच में रिकॉर्ड, क्लीन एंड जर्क में भी दिखाया दम
मीराबाई ने स्नैच में 82 किलोग्राम वजन से शुरुआत की। पहला प्रयास असफल रहा, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने 82 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाया। इसके बाद तीसरे प्रयास में 85 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बना दिया।
क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 105 किलोग्राम वजन उठाने का लक्ष्य रखा। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 105 किलोग्राम वजन उठाया।
कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर उन्होंने न केवल स्वर्ण पदक जीता बल्कि कुल भार वर्ग का नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड भी कायम किया।
लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड
मीराबाई चानू ने इससे पहले 2018 गोल्ड कोस्ट और 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीता था। वहीं 2014 में उन्होंने रजत पदक हासिल किया था।
इस तरह वह लगातार चार कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पदक जीतने वाली चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं।
चार रिकॉर्ड अपने नाम
इस प्रतियोगिता में मीराबाई ने कुल चार रिकॉर्ड बनाए—
- स्नैच में 82 किलोग्राम उठाकर नया रिकॉर्ड।
- 85 किलोग्राम उठाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा।
- क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम का नया रिकॉर्ड।
- कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड।
प्रतिद्वंद्वी रहे काफी पीछे
48 किलोग्राम वर्ग में नाइजीरिया की रुथ असुको नियोंग ने 168 किलोग्राम के साथ रजत पदक जीता, जबकि मलेशिया की आइरीन जेन हेनरी 167 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं। मीराबाई पूरे मुकाबले में अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे रहीं।
राष्ट्रगान के दौरान भावुक हुईं चानू
स्वर्ण पदक जीतने के बाद जब पदक समारोह में भारत का राष्ट्रगान बजा तो मीराबाई चानू भावुक हो गईं।
उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। यह पल भारतीय खेल इतिहास के यादगार क्षणों में शामिल हो गया।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।


