स्पोर्ट्स डेस्क, कोलकाता | 04 अगस्त 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाने वाली भारतीय टीम का दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया।
खिलाड़ियों के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, परिवार के सदस्य, खेल अधिकारी और समर्थक एयरपोर्ट पहुंचे।
ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और भारत माता के जयघोष के बीच खिलाड़ियों का अभिनंदन किया गया। खिलाड़ियों ने इस सम्मान के लिए देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्वागत उनके लिए किसी सपने से कम नहीं है।
मुक्केबाजी में ऐतिहासिक सफलता
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स के 96 वर्षों के इतिहास में पहली बार भारत ने मुक्केबाजी में सात स्वर्ण पदक जीते हैं। यह उपलब्धि न केवल भारतीय बॉक्सिंग के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सहयोगी संस्थाओं को इस सफलता का श्रेय दिया।
स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने स्वागत पर खुशी जताते हुए कहा कि भारत सरकार, बॉक्सिंग फेडरेशन और हरियाणा सरकार के सहयोग से यह सफलता संभव हुई। उन्होंने अपना स्वर्ण पदक देशवासियों को समर्पित किया।
उनके दादा सतपाल सिंह ने युवा खिलाड़ियों को दृढ़ संकल्प और मेहनत का संदेश दिया, जबकि भाभी प्रिया ने परिवार की खुशी साझा की।
खिलाड़ियों के बयान
प्रीति पवार ने टीम के प्रदर्शन पर खुशी व्यक्त की और बताया कि जल्द ही राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर शुरू होगा, जिसमें एशियन गेम्स की तैयारी की जाएगी।
अरुंधति चौधरी ने अपनी सफलता का श्रेय भारतीय सेना, आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट और कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस को दिया। उनका अगला लक्ष्य उज्बेकिस्तान में होने वाला वर्ल्ड कप है।
पुरुषों की 90 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक विजेता नरेंद्र बेरवाल ने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान एशियन गेम्स पर है।
पैरा-एथलीटों का शानदार प्रदर्शन
पुरुषों की शॉट पुट एफ-57 में स्वर्ण विजेता सोमन राणा ने पदक को देश, सेना और सहयोगियों को समर्पित किया।
महिलाओं की शॉट पुट एफ-57 में स्वर्ण विजेता शर्मिला धनखड़ ने देश के लिए गोल्ड जीतना अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया।
सुवर्णा राज ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत खेलों में और मजबूत होगा, जबकि शुभम जुयाल ने कहा कि चार वर्ष बाद भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए खिलाड़ी अभी से तैयारी शुरू करेंगे।
निष्कर्ष: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से लौटी भारतीय टीम का यह भव्य स्वागत खिलाड़ियों के परिश्रम और देश की खेल उपलब्धियों का सम्मान है। मुक्केबाजी में सात स्वर्ण पदक जैसी ऐतिहासिक सफलता ने भारतीय खेलों को नई ऊंचाई दी है।
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