वाराणसी। वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे पूरा होने के बाद ये दावा किया जा रहा है कि परिसर में शिवलिंग मिला है। इसके बाद स्थानीय अदालत ने उस स्थान को तत्काल सील करने का आदेश दिया है. कोर्ट के आदेश में कहा गया है, “ज़िला मजिस्ट्रेट वाराणसी को आदेश दिया जाता है कि जिस स्थान पर शिवलिंग मिला है, उस स्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दें और सील किए गए स्थान पर किसी भी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित किया जाता है।” बनारस के ज़िलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने अदालत के आदेश की पुष्टि करते हुए बीबीसी को बताया कि उनकी टीम वहाँ पहुँच रही है और वज़ू के तालाब वाले इलाक़े को सील कर दिया जाएगा

उन्होंने बताया, ”ये इलाका 30 फुट X 30 फुट है और इसे पहले से ही कवर किया गया है। इसमें तीन दरवाज़े लगे हैं. प्रशासन इन तीनों दरवाज़ों को बंद कर सील कर देगा। जब उनसे पूछा गया कि मस्जिद की एंट्री को बंद किया जा रहा है, उन्होंने जवाब दिया, ”नहीं, ऐसा बिलकुल नहीं है. ये मस्जिद के भीतर खुले इलाके में बना हुआ है कृत्रिम तालाब है। इसमें तीन दरवाज़े हैं और इन्हें बंद किया जाएगा। ये पूरे परिसर का 10 फीसदी हिस्सा होगा. बाक़ी परिसर मुसलमान समुदाय इस्तेमाल कर सकता है।”

ये पूछने पर कि वज़ू वाला हिस्सा बंद हो जाएगा, शर्मा ने कहा, ”जी हां, वज़ू की वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए प्रशासन अपनी ओर से मदद देगा। प्लम्बिंग, पाइप, नल वगैरह चीज़ों की ज़रूरत होगी और इस काम को मंगलवार को पूरा कर लिया जाएगा।” अदालत ने यह आदेश वकील हरिशंकर जैन की अर्ज़ी पर दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि कमीशन की करवाई के दौरान शिवलिंग मस्जिद काम्प्लेक्स के अंदर पाया गया है। अदालत को बताया गया कि यह बहुत की महत्वपूर्ण साक्ष्य है, इसलिए सीआरपीएफ़ कमांडेंट को आदेश दिया जाए कि वो इसे सील कर दें।

अर्ज़ी में यह भी मांग की गई है कि डीएम को ये आदेश दिया जाए कि वहाँ मुसलामानों का प्रवेश वर्जित कर दें। मात्र 10 मुसलामानों को नमाज़ अदा करने की इजाज़त दी जाए और उन्हें वज़ू करने से भी तत्काल रोक दिया जाए। वादियों द्वारा यह भी कहा गया है कि प्राप्त किए गए शिवलिंग को संरक्षित किया जाना अति आवश्यक है। वकील हरिशंकर जैन के वकील विष्णु जैन, बनारस के डीजीसी सिविल महेंद्र पांडेय जो इस मामले में सरकारी वकील हैं, और अंजुमन इंतेज़ामिया के वकील रईस अंसारी।

हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि ज्ञानवापी मस्जिद में एक जगह 12 फ़ीट का शिवलिंग मिला है और इसके अलावा तालाब में कई और अहम साक्ष्य भी मिले हैं।शिवलिंग मिलने के दावे पर वाराणसी के ज़िलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा, “अंदर क्या दिखा इसकी कोई जानकारी किसी भी पक्ष द्वारा बाहर नहीं दी गई है। तो किसी भी उन्माद के आधार पर नारे लगने का दावा झूठ है।” उन्होंने कहा, “अंदर मौजूद सभी पक्षों को ये हिदायत दी गई थी कि 17 मई को कोर्ट में रिपोर्ट सौंपी जाएगी और तब तक किसी को कोई जानकारी सार्वजनिक करने की इजाज़त नहीं है लेकिन किसी ने अपनी निजी इच्छा से कुछ बताने की कोशिश की है तो इसकी प्रमाणिकता कोई साबित नहीं कर सकता।”

एडवोकेट कमिशनर की कार्रवाई शनिवार को सुबह शुरू हुई थी जिसमे ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर जाकर सर्वे किया गया और सभी वादी-प्रतिवादियों की मौजूदगी में वीडियोग्राफ़ी की गई। 12 मई को वाराणसी कोर्ट की एक बेंच ने वहां वीडियोग्राफ़ी जारी कराने का आदेश दिया था। पाँच महिलाओं ने कोर्ट में याचिका दायर कर ज्ञानवापी मस्जिद के पीछे वाले हिस्से में मां शृंगार गौरी की पूजा और दर्शन करने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने प्लॉट नंबर 9130 के निरीक्षण और वीडियोग्राफी की मांग भी की थी जिसे मंज़ूर करते हुए कोर्ट ने निरीक्षण और उसकी वीडियोग्राफी के आदेश दिए थे।

Shrestha Sharad Samman Awards

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

one × 2 =