स्पोर्ट्स डेस्क, कोलकाता | 23 जुलाई 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी से पहले ही भारत ने अपना पहला पदक सुनिश्चित कर लिया है। ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन को ‘बाय’ मिला है।
इसके माध्यम से सीधे सेमीफाइनल में पहुंचते हुए उन्होंने अपना पदक सुनिश्चित कर लिया है।
लवलीना का प्रदर्शन
टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली लवलीना बोरगोहेन ‘बाय’ मिलने के बाद महिलाओं के 75 किग्रा कैटेगरी के सेमीफाइनल में सीधे पहुंची। ड्रॉ में सिर्फ पांच एथलीट थे, इसलिए लवलीना समेत तीन खिलाड़ी सीधे ‘अंतिम-4’ (सेमीफाइनल) में पहुंच गए।
कॉमनवेल्थ गेम्स के बॉक्सिंग नियमों के तहत, सेमीफाइनल में हारने वाले सभी खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है। इसका मतलब है कि ग्लासगो में अपना पहला मुकाबला खेलने से पहले ही लवलीना का कांस्य पदक पक्का हो गया है।
लवलीना 31 जुलाई को सेमीफाइनल में ताफाकी के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेंगी, जहां स्वर्ण पदक मैच में जगह बनाने का मौका होगा। जीत उन्हें फाइनल में पहुंचाएगी और कम से कम रजत पदक पक्का करेगी, जबकि हारने पर भी वह कांस्य पदक के साथ लौटेंगी।
लवलीना का कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड
यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका पहला पोडियम फिनिश होगा। लवलीना गोल्ड कोस्ट 2018 में क्वार्टरफाइनल में चैंपियन बनी सैंडी रयान से हार गई थीं और बर्मिंघम 2022 में अपना पहला ही मुकाबला हार गई थीं। उन्होंने पिछले दोनों इवेंट्स में 69 किग्रा कैटेगरी में हिस्सा लिया था।
भारतीय दल की ओपनिंग सेरेमनी
इस पदक का मतलब यह भी है कि लवलीना ने उन सभी बड़े मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में पदक जीत लिए हैं जिनमें वह हिस्सा लेने की पात्र थीं। इसमें ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स शामिल हैं।
गुरुवार को ओपनिंग सेरेमनी के लिए जब भारतीय दल शानदार कपड़ों में मैदान पर उतरेगा, तो लवलीना और टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली वेटलिफ्टर मीराबाई चानू फ्लैग और बैटन बियरर लेकर चलेंगी।
निष्कर्ष: लवलीना बोरगोहेन का यह प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाजी के लिए गर्व की बात है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पहला पदक सुनिश्चित होने से पूरी टीम का हौसला बढ़ गया है।
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