खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिले की रेलनगरी खड़गपुर सहित समूचे जंगल महल इलाके में सोमवार को शीत लहर ने जोरदार दस्तक दी। न्यूनतम तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर जाने से पूरा इलाका ठिठुर उठा। दिनभर चली सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में कैद कर दिया। वर्ष का यह अब तक का सबसे ठंडा दिन बताया जा रहा है, जिसका सीधा असर जनजीवन पर पड़ा।
ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। कहीं अलाव तो कहीं चूल्हे के सामने बैठकर लोग ठंड भगाने की कोशिश करते दिखे। जंगल महल के ग्रामीण इलाकों में किसान और मजदूर खेत-खलिहानों से दूर रहे, जिससे रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुईं। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और सामान्य दिनों की चहल-पहल गायब रही।
घने कोहरे ने भी मुसीबत बढ़ा दी। राष्ट्रीय राजमार्ग 6 और 60 पर वाहनों की रफ्तार सुस्त पड़ गई। कई इलाकों में दृश्यता घटकर महज 50 मीटर तक रह गई, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर बेहद सावधानी से सफर करना पड़ा।
रेल सेवाएं भी कोहरे की चपेट में रहीं। सिग्नल सिस्टम प्रभावित होने से कई ट्रेनें देरी से चलीं। यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर कड़ाके की ठंड में इंतजार करना पड़ा।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मंगलवार तक शीत लहर का प्रकोप जारी रह सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ठंड में और इजाफा हुआ है।
इधर, ठंड से बचाव के लिए लोगों ने पारंपरिक उपाय अपनाने शुरू कर दिए हैं। चाय और भजिया की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। प्रशासन ने दावा किया है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि सर्दी-खांसी और ठंड से जुड़ी बीमारियों के मरीजों को त्वरित उपचार मिल सके।
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