बॉलीवुड डेस्क, मुंबई | 31 अगस्त 2026: हिंदी सिनेमा में कुछ कलाकार ऐसे भी हैं, जिन्होंने अपनी पहली ही फिल्म से लोगों के दिलों में जगह बना ली। चित्रांगदा सिंह भी ऐसी ही अभिनेत्री हैं। पर्दे पर उनकी मौजूदगी जितनी खूबसूरत लगती है, उनके किरदारों में उतनी ही गहराई भी दिखाई देती है।
चित्रांगदा सिंह का जन्म 30 अगस्त 1976 को हुआ था। उनका बचपन मेरठ, कोटा और बरेली जैसे शहरों में बीता। उनके पिता सेना में अधिकारी थे।
मॉडलिंग से फिल्मों तक
पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मॉडलिंग की। गुलजार के म्यूजिक वीडियो ‘सनसेट प्वाइंट’ में नजर आने के बाद फिल्मों का रास्ता खुला।
2005 में सुधीर मिश्रा की ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी’ से डेब्यू किया। गीता के संवेदनशील किरदार ने दर्शकों और आलोचकों की तारीफ बटोरी। पहली फिल्म के लिए बेस्ट फीमेल डेब्यू अवॉर्ड भी मिला।
करियर के उतार-चढ़ाव
अगली फिल्में उम्मीद के मुताबिक नहीं चलीं। 2008 में ‘सॉरी भाई!’ से वापसी की। 2011 में ‘ये साली जिंदगी’ (इरफान खान के साथ) और ‘देसी बॉयज’ (अक्षय कुमार के साथ) ने नई दिशा दी।
उन्होंने ‘इंकार’, ‘आई, मी और मैं’ जैसे अलग-अलग किरदार निभाए। 2018 में ‘सूरमा’ के निर्माता बने और ‘साहेब, बीवी और गैंगस्टर 3’ में नजर आईं।
डिजिटल और हालिया काम
‘मॉडर्न लव मुंबई’, ‘बॉब बिस्वास’ (मैरी बिस्वास), ‘गैसलाइट’ (रुक्मिणी) और 2025 की ‘खाकी: द बंगाल चैप्टर’ में प्रभावशाली राजनीतिक किरदार ने साबित किया कि वह सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं हैं।
निष्कर्ष:
चित्रांगदा सिंह ने विविध किरदारों और निर्माता के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उनका सफर संवेदनशीलता, ग्लैमर और दमदार अभिनय का मिश्रण है।
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