बीजिंग। चीन की राजधानी बीजिंग में बुधवार को दूसरे विश्व युद्ध में जापान की हार की 80वीं वर्षगांठ पर विक्ट्री डे परेड का आयोजन हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने थियानमेन चौक से राष्ट्र को संबोधित किया और देश की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया गया।
शी जिनपिंग ने अपने संबोधन में कहा कि चीन कभी किसी की धमकियों से डरकर पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने नागरिकों से इतिहास को याद रखने और जापान के खिलाफ लड़े सैनिकों को सम्मान देने की अपील की।
उनके भाषण के बाद आयोजित परेड में चीन ने अपनी आधुनिक सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इसमें परमाणु क्षमता वाली लंबी दूरी की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल थीं।
📌 परेड की प्रमुख विशेषताएँ:
- हथियारों का प्रदर्शन:
- DF-5C इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल (13,000 किमी रेंज)
- DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइल, CJ-1000 क्रूज़ मिसाइल
- J-20S और J-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स
- GJ-11 ड्रोन, PHL-16 रॉकेट सिस्टम, HQ-20 एयर डिफेंस
BBC की रिपोर्ट के अनुसार, परेड में कई अत्याधुनिक हथियार प्रणालियां प्रदर्शित की गईं, जिनमें शामिल थे:
हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल्स, वाईजे-21 एंटी-शिप क्रूज मिसाइल, JL-3 पनडुब्बी से छोड़ी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल, DF-5C न्यूक्लियर इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का एडवांस संस्करण।
अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति:
- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सहित 26 देशों के नेता मौजूद रहे
इस भव्य समारोह में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन समेत करीब 25 देशों के शीर्ष नेता और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
🧭 परेड का ऐतिहासिक महत्व:
- विक्ट्री डे चीन में हर साल 3 सितंबर को मनाया जाता है, जब 1945 में जापान ने आत्मसमर्पण किया था
- यह दिन चीन के लिए राष्ट्रीय गर्व, राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन, और सैन्य आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है
- इस बार की परेड को अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए सीधा संदेश माना जा रहा है
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