कोलकाता | 27 मार्च 2026: नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र और पूर्व भाजपा नेता चंद्र कुमार बोस ने पार्टी छोड़ने के बाद पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होना उनकी ‘ऐतिहासिक भूल’ थी, लेकिन उन्हें इसका एहसास बहुत जल्द हो गया।
चंद्र कुमार बोस ने कहा, “किसी पार्टी का एकमात्र उद्देश्य मतदाताओं को बांटना और ध्रुवीकृत करना हो, सिर्फ चुनाव जीतने के लिए, यह मुझे मंजूर नहीं। सांप्रदायिकता का मुकाबला सांप्रदायिकता से नहीं किया जा सकता।”
सभी समुदायों से एकजुट होने का आह्वान
उन्होंने आगे कहा, “आइए हम सभी समुदाय एकजुट होकर अपने राष्ट्र के ताने-बाने की रक्षा करें। समान विचारधारा वाली पार्टियों, कार्यकर्ताओं और जनता को एक साथ आकर उन विभाजनकारी ताकतों को हराना होगा जो देश को बर्बाद करने पर तुली हुई हैं। जय हिंद।”
राजनीतिक पृष्ठभूमि
चंद्र कुमार बोस 2019-2020 के आसपास भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली थी। अब उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भाजपा की राजनीति मतदाताओं को बांटने पर आधारित है, जो उनके सिद्धांतों से मेल नहीं खाती।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण एक बड़ा मुद्दा बन गया है।
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