कोलकाता हिन्दी न्यूज | 19 जुलाई 2026: केंद्रीय विद्यालय की अनुभवी शिक्षिका संजना रॉय ने एल नीनो के बढ़ते प्रभावों को लेकर पूरी दुनिया को सचेत करते हुए लोगों से प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा के लिए जागरूक होने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि एल नीनो केवल समुद्र के तापमान में बदलाव नहीं, बल्कि वैश्विक मौसम व्यवस्था को प्रभावित करने वाली एक गंभीर प्राकृतिक घटना है।
इसके कारण कहीं भीषण गर्मी और सूखे का खतरा बढ़ सकता है, तो कहीं अचानक भारी बारिश, बाढ़ और जलभराव जैसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।
- भारत पर प्रभाव
भारत में एल नीनो का प्रभाव मानसून पर पड़ने की आशंका के कारण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसका असर खेती, जल संसाधनों, खाद्य सुरक्षा और आम जनजीवन पर पड़ सकता है।
लगातार बढ़ता जलवायु असंतुलन आने वाले समय में पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
- संजना रॉय की अपील
संजना रॉय ने लोगों से पानी बचाने, अधिक से अधिक पेड़ लगाने, ऊर्जा की बर्बादी रोकने और मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की।
उन्होंने कहा- “प्रकृति को नुकसान पहुँचाने का परिणाम अब भविष्य की नहीं, बल्कि वर्तमान की समस्या बन चुका है।”
एल नीनो केवल एक वैज्ञानिक घटना नहीं, बल्कि प्रकृति की एक गंभीर चेतावनी है। आज जागरूक होकर ही हम आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य दे सकते हैं।
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