कोलकाता। केंद्र ने पश्चिम बंगाल सरकार के 1,500 करोड़ रुपये के ‘घाटल मास्टरप्लान’ को मंजूरी दे दी है। यह नदी की तलहटी की सफाई करने और राज्य में कम से कम 10 प्रमुख नदियों के तटबंधों को मजबूत करने वाली एक बड़ी परियोजना है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार इसका 60 फीसदी खर्च उठाएगी जबकि राज्य सरकार बाकी का खर्च उठाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमें परियोजना निवेश समिति से मंजूरी मिली है लेकिन घाटल मास्टरप्लान के ठोस आकार लेने से पहले अब भी दो और स्वीकृति लेनी है, जिसमें से एक केंद्रीय वित्त मंत्रालय से लेनी है।’’ घाटल पश्चिमी मेदिनीपुर जिले में एक निचला नदी क्षेत्र है जो लगभग हर साल बाढ़ से प्रभावित होता है।

बता दें कि देश के शीर्ष उद्योगपतियों ने पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई थी। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सरकार में भरोसा जताते हुए बंगाल वैश्विक व्यापार शिखर सम्मेलन-2022 (बीजीबीएस) के छठे सत्र में कई उद्योगपतियों ने यह प्रतिबद्धता जताई थी।अडाणी समूह ने अकेले अगले एक दशक के दौरान पश्चिम बंगाल में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है।

समूह यह निवेश राज्य में अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए डेटा केंद्र, समुद्र में केबल, उत्कृष्टता केंद्र, भंडारण और लॉजिस्टिक पार्क जैसे बंदरगाह और बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में करेगा। समूह के प्रमुख गौतम अडानी ने कहा कि इस निवेश से पश्चिम बंगाल में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर 25,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। जेएसडब्ल्यू के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने निवेश राशि की घोषणा तो नहीं की, लेकिन उन्होंने 900 मेगावॉट की पंप के जरिये भंडारण वाली जलविद्युत परियोजना के निर्माण की मंशा जताई है। इस आकार की परियोजना पर 7,000 से 7,500 करोड़ रुपये का निवेश करने की जरूरत होती है।

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