कोलकाता हिन्दी न्यूज | 25 सितम्बर 2026: बुखार, सर्दी-खांसी या शरीर में दर्द होते ही मेडिकल स्टोर से खुद दवा खरीदकर खाने की आदत रखने वालों के लिए जरूरी खबर है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने एंटीबायोटिक्स और दर्द निवारक दवाओं यानी NSAIDs के अनियंत्रित इस्तेमाल को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
CDSCO ने इनके इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों, खासकर क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के खतरे को ध्यान में रखते हुए आम लोगों, डॉक्टरों, फार्मासिस्टों, अस्पतालों और दवा विक्रेताओं को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
CDSCO की 21 सितंबर 2026 की सर्कुलर में कहा गया है कि Drugs and Cosmetics Act, 1940 और उसके तहत बने Drugs Rules, 1945 के प्रावधानों के अनुसार संबंधित दवाओं की बिक्री और वितरण निर्धारित प्रिस्क्रिप्शन नियमों के तहत होना चाहिए।
एंटीबायोटिक और पेनकिलर बिना प्रिस्क्रिप्शन नहीं
CDSCO ने स्पष्ट किया है कि कई NSAIDs और एंटीबायोटिक्स ऐसे ड्रग शेड्यूल के अंतर्गत आते हैं, जिनके इस्तेमाल के लिए चिकित्सकीय निगरानी जरूरी है। सर्कुलर के मुताबिक अधिकांश NSAIDs Schedule H के अंतर्गत आते हैं, जबकि अधिकांश एंटीबायोटिक्स Schedule H1 में शामिल हैं।
इसलिए इन दवाओं की बिक्री और इस्तेमाल संबंधित प्रिस्क्रिप्शन एवं चिकित्सकीय सलाह के नियमों के अनुसार होना चाहिए।
Schedule H1 दवाओं पर नियमों के तहत यह चेतावनी दी जानी होती है कि दवा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही ली जाए और इसे Registered Medical Practitioner के प्रिस्क्रिप्शन के बिना खुदरा स्तर पर नहीं बेचा जाए।
पश्चिम बंगाल में भी पहुंचा संदेश
इस निर्देश का सीधा असर दवा दुकानों और आम लोगों पर पड़ सकता है। पश्चिम बंगाल में भी ड्रग कंट्रोल व्यवस्था के स्तर पर इस तरह की सावधानी बरतने की जरूरत है कि प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाएं नियमों के अनुरूप ही बेची जाएं।
आम लोगों के लिए संदेश साफ है—सिर्फ बुखार या सर्दी-खांसी होने पर खुद से एंटीबायोटिक शुरू न करें। CDSCO ने भी एंटीबायोटिक और NSAIDs/पेनकिलर को बिना चिकित्सकीय सलाह बार-बार या लंबे समय तक लेने से बचने की सलाह दी है।
सामान्य वायरल बुखार में हर बार एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं
सर्दी, खांसी और बुखार जैसी सामान्य समस्याओं में लोग अक्सर जल्द राहत पाने के लिए एंटीबायोटिक लेना शुरू कर देते हैं। लेकिन हर बुखार या वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक जरूरी नहीं होता।
बिना जरूरत एंटीबायोटिक लेने से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) की समस्या बढ़ सकती है। इसका मतलब है कि जब भविष्य में किसी बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज के लिए एंटीबायोटिक की वास्तव में जरूरत हो, तो कुछ दवाएं पहले की तुलना में कम प्रभावी हो सकती हैं।
इसी वजह से CDSCO ने एंटीबायोटिक का इस्तेमाल तभी करने पर जोर दिया है, जब चिकित्सकीय रूप से इसकी जरूरत हो और सही दवा, सही खुराक तथा उचित अवधि के लिए Registered Medical Practitioner की निगरानी में दी जाए।
डॉक्टरों को भी दी गई सावधानी की सलाह
CDSCO की सर्कुलर केवल आम लोगों या दवा दुकानदारों तक सीमित नहीं है। इसमें स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों के लिए भी उचित और जिम्मेदार तरीके से एंटीबायोटिक तथा NSAIDs के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है।
दवा का चुनाव मरीज की स्थिति और चिकित्सकीय जरूरत के अनुसार होना चाहिए। एंटीबायोटिक का इस्तेमाल बिना स्पष्ट चिकित्सकीय आवश्यकता के नहीं किया जाना चाहिए।
पेनकिलर के लंबे समय तक इस्तेमाल पर भी सावधानी
CDSCO ने केवल एंटीबायोटिक ही नहीं, बल्कि NSAIDs यानी कई सामान्य दर्द निवारक दवाओं के अनियंत्रित इस्तेमाल को लेकर भी चेतावनी दी है।
सर्कुलर में बताया गया है कि NSAIDs और एंटीबायोटिक्स से जुड़े संभावित जोखिमों को देखते हुए इनके इस्तेमाल में चिकित्सकीय निगरानी जरूरी है। खासकर लंबे समय तक या बार-बार बिना डॉक्टर की सलाह दवा लेने से बचने की सलाह दी गई है।
मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने से पहले रखें ध्यान
नई CDSCO सर्कुलर के बाद आम लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर अपनी तरफ से एंटीबायोटिक या पेनकिलर शुरू करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह ली जाए।
खास तौर पर ध्यान रखें:
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक शुरू न करें।
- बुखार, सर्दी या खांसी में खुद से एंटीबायोटिक न लें।
- पेनकिलर/NSAIDs का बार-बार या लंबे समय तक सेवन न करें।
- डॉक्टर ने जितनी खुराक और जितने दिनों के लिए दवा बताई है, उसी के अनुसार दवा लें।
- पुरानी बीमारी या नियमित दवा चल रही हो तो नई दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
- बची हुई पुरानी एंटीबायोटिक दवा को किसी नए संक्रमण में खुद से इस्तेमाल न करें।
नियमों का उद्देश्य क्या है?
CDSCO की इस पहल का उद्देश्य दवाओं के अनियंत्रित इस्तेमाल को कम करना और मरीजों को दवाओं के संभावित नुकसान से बचाना है। खास तौर पर एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस और दर्द निवारक दवाओं के अनियंत्रित इस्तेमाल से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए चिकित्सकीय निगरानी पर जोर दिया गया है।
इसलिए अगली बार बुखार या सामान्य सर्दी-खांसी होने पर सीधे मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा जरूरी है। एंटीबायोटिक जरूरत की दवा है, सामान्य बुखार की हर बार की दवा नहीं।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।

