कोलकाता। पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के पशु तस्करी घोटाले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता अनुव्रत मंडल को नया समन नोटिस जारी किया है और उन्हें 10 अगस्त को जांच अधिकारियों के समक्ष पेश होने को कहा है। सीबीआई ने मंडल की ओर से नौवें समन को नजरअंदाज किये जाने के ठीक दो दिन बाद नया समन नोटिस जारी किया है।

टीएमसी के बीरभूम जिला अध्यक्ष मंडल को आठ अगस्त को सीबीआई के शहर कार्यालय निज़ाम पैलेस में सुबह 11 बजे पेश होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन आरोपी राजनेता ने समन को नजरअंदाज कर दिया और राज्य सरकार के एसएसकेएम अस्पताल में मेडिकल चेक-अप के लिए चले गये जो एजेंसी के कार्यालय से बमुश्किल 1000 मीटर पश्चिम में स्थित है। बीरभूम जिले में रहने वाले व दक्षिण बंगाल की राजनीति के ‘बाहुबलि’ 62 वर्षीय मंडल को चिनार पार्क में अपने शहर के फ्लैट में पहुंचते देखा गया।

बाद में वह कथित तौर पर सर्दी, खांसी और कंधे के दर्द के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचे। सात सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने उनकी बीमारियों की जांच के बाद सुझाव दिया कि उन्हें भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है और तदनुसार वह सोमवार की रात बीरभूम लौट गए। सूत्रों ने कहा कि सीबीआई के दो अधिकारियों ने सोमवार शाम को मंडल के चिनार पार्क स्थित फ्लैट पर गए लेकिन पाया कि नेता अपने गांव रवाना हो रहे हैं।

इसके बाद सीबीआई ने उनके पते पर 10वां समन नोटिस भेजा और उन्हें बुधवार सुबह 11 बजे एजेंसी कार्यालय में पेश होने को कहा। सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा सीबीआई के दो अधिकारी मंगलवार को श्री मंडल के बीरभूम स्थित आवास पर हाथ से समन नोटिस तामील करने गए। सूत्रों ने कहा कि पिछले हफ्ते बीरभूम में छापेमारी के बाद सीबीआई को कथित तौर पर मामले में कुछ और सबूत मिलने के बाद मंडल को एक नया समन नोटिस जारी करना इस मामले को नया मोड़ दे दिया।

सीबीआई ने गिरफ्तार सहगल हुसैन (अनुव्रत मंडल के लिए निजी सुरक्षा कर्मी) के एक करीबी सहयोगी तुलु मंडल के घरों पर छापा मारा था और भारी मात्रा में चल और अचल संपत्ति जब्त की थी। सूत्रों ने कहा कि सहगल हुसैन, जो अब आसनसोल में अदालत के आदेश के बाद जेल की हिरासत में है, के पास भी कथित तौर पर आय से काफी अधिक संपत्ति थी। जांच एजेंसी ने मंडल से 19 मई को करीब साढ़े तीन घंटे तक इस मामले में पूछताछ की थी।

कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद लोक सेवकों की मिलीभगत से हो रहे मवेशी घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने 21 सितंबर, 2020 को पश्चिम बंगाल में भारत-बंगलादेश सीमा पर अनधिकृत पशु व्यापार के संबंध में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कमांडेंट सतीश कुमार (अब गिरफ्तार) और कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

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