कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता भादु शेख की हत्या और इसके बाद बीरभूम जिले के बोगतुई गांव में 21 मार्च को की गई कथित आगजनी में नौ लोगों की जलकर हुई मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दो अलग-अलग आरोपपत्र दाखिल किये हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने शेख की हत्या में दायर आरोपपत्र में चार लोगों को आरोपी बनाया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस नेता अनारुल हुसैन समेत 18 लोगों को आगजनी के मामले में नामजद किया है।

शेख की मौत के बाद बोगतुई गांव में गत 21 मार्च की रात बदले की भावना से लोगों की भीड़ ने घरों पर बम फेंका और उनमें आग लगा दी, जिससे महिलाओं और बच्चों सहित नौ लोगों की जलकर मौत हो गई। तृणमूल कांग्रेस के रामपुरहाट पंचायत नेता शेख पर उसी दिन शाम को बम से हमला करके उनकी हत्या कर दी गई थी। कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी।

बोगतुई हिंसा और आगजनी से संबंधित अपने आरोप पत्र में संघीय जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि यह शेख की हत्या का ‘सीधा नतीजा’ था। आरोप है कि शेख की हत्या के बाद उसके वफादारों और संगठन के सदस्यों ने गांव में विरोधियों के घरों में आग लगा दी।सीबीआई ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में प्रभुत्व और वाणिज्यिक वाहनों तथा अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से धन के अवैध संग्रह पर नियंत्रण के लिए भादु शेख, पलाश शेख और सोना शेख के संगठन के बीच लंबे समय से प्रतिद्वंद्विता थी।

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