कोलकाता हिन्दी न्यूज | 07 अगस्त 2026: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी और पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार को चार्जशीट दाखिल कर दी है।
मामले में कुल 11 आरोपी नामजद किए गए हैं, जिनमें दो बीजेपी कार्यकर्ता भी शामिल हैं।
घटना का विवरण
चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई 2026 को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में हुई थी। वे अपने एसयूवी वाहन से घर लौट रहे थे। घर से कुछ दूरी पहले एक कार ने उनकी गाड़ी का रास्ता रोका, जिसके बाद मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं।
यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के ठीक दो दिन बाद हुई थी।
CBI की चार्जशीट में बड़े खुलासे
CBI की चार्जशीट के अनुसार, रथ की हत्या की साजिश दिसंबर 2025 से ही रची जा रही थी। कई बार तारीख बदली गई, लेकिन अंततः 6 मई को इसे अंजाम दिया गया।
एजेंसी का आरोप है कि रथ के कार्यालय में काम करने वाले बीजेपी कार्यकर्ता सागर सोनकर और उसके भाई साहिब सोनकर ने उत्तर प्रदेश के शूटर्स को सुपारी दी थी।
सागर सोनकर पर आरोप है कि उन्होंने शूटर्स को पैसे दिए और लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था की। जांच में यह भी सामने आया है कि सागर सोनकर 2020 तक एक प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल के विधायक के साथ काम करते थे, जिसके बाद वे बीजेपी में शामिल हो गए।
उनके कॉल डिटेल्स में प्रतिद्वंद्वी दल के कार्यालय से नियमित संपर्क के संकेत मिले हैं। राज्य के एक प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल के पदाधिकारी की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
अब तक की गिरफ्तारियां
CBI ने अब तक निम्नलिखित लोगों को गिरफ्तार किया है:
शूटर:
- मोनू सिंह (ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह)
- राज सिंह
- गोलू सिंह
- मयंक राज मिश्रा
- विक्की मौर्य
- नवीन कुमार सिंह
मिडलमैन:
- विनय राय
- संजय राय
- विकास मिश्रा
इनके अलावा सागर सोनकर और साहिब सोनकर भी गिरफ्तार हैं। एक आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है।
आरोप और जांच की स्थिति
CBI ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें हत्या, आपराधिक साजिश और संगठित अपराध से संबंधित धाराएं शामिल हैं।
एजेंसी अभी भी हत्या के असली मकसद और किसी व्यापक राजनीतिक कनेक्शन की जांच कर रही है।
रथ शुभेंदु अधिकारी के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। उनकी हत्या के बाद राज्य सरकार ने मामले को CBI को सौंप दिया था।
परिवार का पक्ष
सागर और साहिब सोनकर के पिता ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनके बेटे चंद्रनाथ रथ के सबसे भरोसेमंद सहयोगी थे।
हत्या वाले दिन भी सागर रथ के साथ बीजेपी कार्यालय में मौजूद था और घटना की खबर मिलते ही अस्पताल पहुंचा था। परिवार का दावा है कि उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
आगे की प्रक्रिया
चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामला अब अदालती प्रक्रिया में आगे बढ़ेगा। CBI की जांच अभी भी जारी है और राजनीतिक कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है।
यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी संवेदनशील और चर्चित बना हुआ है।
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