कोलकाता, 3 जनवरी 2026: पश्चिम बंगाल में कैश फॉर जॉब्स घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ा एक्शन लिया है।
राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा और उनके परिवार की करीब 3.6 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली गई है।
यह कार्रवाई घोटाले के मुख्य आरोपी कुंतल घोष की डायरी सामने आने के बाद तेज हुई है। जांच में मंत्री और उनके परिवार पर अवैध कमाई से संपत्ति बनाने का शक गहराया है।

ED की कार्रवाई की पूरी डिटेल
ED ने मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा, उनकी पत्नी कुंतला सिन्हा और बेटे के नाम पर कुल 10 संपत्तियों को प्रोविजनल अटैचमेंट के तहत जब्त किया है। इनमें बोलपुर और आसपास के इलाकों में घर, फ्लैट, जमीन के प्लॉट और एक मार्केट कॉम्प्लेक्स शामिल हैं।
कुल मूल्यांकन करीब 3.6 करोड़ रुपये आंका गया है। ED का कहना है कि ये संपत्तियां घोटाले से मिली अवैध कमाई से खरीदी गई लगती हैं।
कुंतल घोष की डायरी ने खोला पेंच
यह पूरा मामला घोटाले के मुख्य आरोपी कुंतल घोष की एक डायरी से शुरू हुआ था। डायरी में मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा सहित 100 से ज्यादा लोगों के नाम दर्ज थे, जो कथित तौर पर स्कूल नौकरियों के बदले पैसे लेने से जुड़े थे।
डायरी मिलने के बाद ED ने मंत्री के बोलपुर स्थित आवास पर छापेमारी की। छापे में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए और करीब 41 लाख रुपये नकद भी मिले।
परिवार नहीं दे सका संतोषजनक जवाब
ED की पूछताछ में मंत्री और उनके परिवार वाले नकद राशि व संपत्तियों के स्रोत के बारे में कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए।
मंत्री की पत्नी कुंतला सिन्हा ने आय का स्रोत खेती और कंस्ट्रक्शन का काम बताया, लेकिन नकद पैसों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। जांच एजेंसी को शक है कि ये पैसे घोटाले से जुड़े हैं।
मंत्री को पहले मिली थी जमानत
ED ने करीब छह महीने पहले मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद 6 सितंबर 2025 को मंत्री ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था और उन्हें जमानत मिल गई थी।
अब संपत्ति जब्ती से मामला फिर गरमा गया है और जांच नए सिरे से तेज हो गई है।
घोटाले की जड़ें और आगे की जांच
कैश फॉर जॉब्स घोटाला स्कूलों में नौकरी दिलाने के बदले लाखों-करोड़ों रुपये लेने का एक बड़ा रैकेट है। इसमें कई राजनीतिक हस्तियां, अधिकारी और बिचौलिए शामिल बताए जा रहे हैं।
ED इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को लेकर हलचल मच गई है। विपक्ष इसे भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई बता रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है।
क्या यह घोटाला और नाम उजागर करेगा? सबकी नजरें ED की अगली रिपोर्ट पर टिकी हैं। आप क्या सोचते हैं – कमेंट में बताएं!
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