ओटावा। वर्ष 1985 में एयर इंडिया बम विस्फोट मामले में बरी किए गए संदिग्ध रिपुदमन सिंह मलिक की वैंकूवर में हत्या कर दी गई। उल्लेखनीय है कि इस घटना में 329 लोगों की मौत हुई थी। कनाडा न्यूयॉर्क पोस्ट ने मलिक की हत्या की जानकारी दी। उस पर गोली तब चलाई गई जब वह सर्रे में एक बिजनेस सेंटर के बाहर लगी अपनी कार के अंदर बैठा हुआ था। 75 साल के मलिक और अजायब सिंह बागरी को वर्ष 2005 में सामूहिक हत्या और साजिश के आरोपों से बरी कर दिया गया।

एयर इंडिया विस्फोट कांड में इनके ऊपर हवाई जहाज के अंदर बम लगा रखने का आरोप लगा था। बम आयरलैंड के पास फटा, जिसमें 280 कनाडाई नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके अलावा, टोक्यो एयरपोर्ट में हुई बमबारी में दो बैगेज हैंडलर मारे गए थे। उन्हें वर्ष 2,000 में इस नरसंहार की घटना के लिए गिरफ्तार किया गया था। मलिक और बागरी को मुख्य अभियोजन पक्ष के गवाहों के अविश्वसनीय समझे जाने के बाद मुक्त कर दिया गया था।

इस घटना को जून, 1984 में स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लू स्टार के बदले के रूप में देखी गई थी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मलिक की हत्या के पीछे क्या वजह रही होगी, क्या उसके पहले किए गए कारनामें इसके लिए जिम्मेदार हैं? सुबह साढ़े नौ बजे गोलीबारी की घटना के तुरंत बाद घटनास्थल से कुछ दूर एक कार आग की लपटों में घिरी मिली, आशंका जताई जा रही है कि यह संदिग्ध की ही कार होगी।

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