Vyas Pujan and National Seminar at Calcutta University Discussion on Guru Shishya tradition and importance of Hindi.

कलकत्ता विश्वविद्यालय में व्यास पूजन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी: गुरु-शिष्य परंपरा और हिंदी के महत्व पर चर्चा

कोलकाता हिन्दी न्यूज | 05 अगस्त 2026: भारतीय शिक्षण मंडल एवं हिंदी विभाग, कलकत्ता विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में व्यास पूजन एवं एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 3 अगस्त 2026 को कलकत्ता विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक ‘सीनेट हॉल’ में किया गया।

कार्यक्रम दोपहर 12:30 बजे से सायं 4:00 बजे तक चला। इस संगोष्ठी में विभिन्न विद्वानों ने गुरु पूर्णिमा एवं भारतीय परंपरा में गुरु के महत्व पर विचार व्यक्त किए।


कार्यक्रम की शुरुआत

कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय प्रो. आशुतोष घोष की अध्यक्षता में सभी आगत अतिथियों ने भारत माता, देवी सरस्वती और महर्षि वेद व्यास की तस्वीर पर पुष्पार्पण कर अपनी श्रद्धा निवेदित की।

कार्यक्रम का आरम्भ पारंपरिक रीति के अनुरूप दीप प्रज्वलन और व्यास पूजन के साथ हुआ।

तत्पश्चात शोधार्थी प्रीतम रजक द्वारा ध्येय श्लोक एवं वाक्य का पाठ किया गया। सम्पूर्ण सभा कक्ष ने एक साथ राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ का गायन किया। विभाग के विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना का गायन भी हुआ।


वक्ताओं के विचार

विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राजश्री शुक्ला ने सभी वक्ताओं एवं श्रोताओं का स्वागत करते हुए बीज वक्तव्य दिया। माननीय कुलपति जी ने व्यास पूजन की परम्परा को चलते रहने की कामना व्यक्त की।

  • मुख्य वक्ता डॉ. दीपांकर कर्मकार (संस्कृत विभाग, सुरेन्द्रनाथ कॉलेज फॉर वीमेन) ने विश्वविद्यालयी अनुभवों एवं गुरु-शिष्य परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने विस्तार से व्यास पूजन और गुरु तत्व को समझाया।
  • मुख्य अतिथि प्रो. अरिंदम भट्टाचार्य (विभागाध्यक्ष, जंतु विज्ञान, कलकत्ता विश्वविद्यालय) ने कहा कि भारत की एकता हिंदी के माध्यम से ही संपन्न हो सकती है।
  • विशिष्ट वक्ता डॉ. प्रेमशंकर त्रिपाठी ने भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु-शिष्य परंपरा की उपादेयता पर प्रकाश डाला और समाज में शिक्षा की भूमिका को अभिव्यक्ति प्रदान की।
  • प्रो. सोमा बंद्योपाध्याय ने संस्कृत भाषा के महत्व का उल्लेख करते हुए संस्कृत को पाठ्यक्रम में शामिल किये जाने का प्रस्ताव दिया।
यह भी पढ़ें:  बंगाल: TMC-कांग्रेस में तीखी नोकझोंक, तृणमूल के अकेले लोकसभा चुनाव लड़ने के संकेत

संचालन और समापन

सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन डॉ. रामप्रवेश रजक ने किया। कार्यक्रम के समापन में आशुतोष कॉलेज के प्रो. प्रीतम घोष द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

भारतीय शिक्षण मंडल, दक्षिण बंग प्रांत के विस्तारक श्री श्लोक पांडे द्वारा कल्याण मंत्र का पाठ किया गया तथा प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।


निष्कर्ष: कलकत्ता विश्वविद्यालय में आयोजित इस संगोष्ठी ने गुरु-शिष्य परंपरा, व्यास पूजन और हिंदी तथा संस्कृत भाषा के महत्व को रेखांकित किया। विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से आगत विद्वानों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।

विनय कुमार Avatar

विनय कुमार, कोलकाता हिंदी न्यूज़ के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। उन्होंने पिछले 12 वर्षों से कोलकाता और पश्चिम बंगाल की राजनीति, खेल, समाज और स्थानीय मुद्दों की रिपोर्टिंग की है। कोलकाता के विभिन्न इलाकों में फील्ड रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव रखते हैं। उनकी रिपोर्टिंग हमेशा तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष रहती है।

यह भी पढ़ें:  Howrah: नेताजी की 125वीं जयंती 'पराक्रम दिवस' पर परशुराम सेना पश्चिम बंगाल ने जरूरतमंदों को कंबल प्रदान किया
Fact Checked & Editorial Guidelines

Our Fact Checking Process

We prioritize accuracy and integrity in our content. Here's how we maintain high standards:

  1. Expert Review: All articles are reviewed by subject matter experts.
  2. Source Validation: Information is backed by credible, up-to-date sources.
  3. Transparency: We clearly cite references and disclose potential conflicts.
Reviewed by: Subject Matter Experts

Our Review Board

Our content is carefully reviewed by experienced professionals to ensure accuracy and relevance.

यह भी पढ़ें:  तृणमूल कांग्रेस नेता कुंतल घोष के आवासों पर ईडी के छापे
  • Qualified Experts: Each article is assessed by specialists with field-specific knowledge.
  • Up-to-date Insights: We incorporate the latest research, trends, and standards.
  • Commitment to Quality: Reviewers ensure clarity, correctness, and completeness.

Look for the expert-reviewed label to read content you can trust.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

two × three =