- दुर्गा पूजा समितियों को अनुदान देने से पहले उपयोग प्रमाण पत्र अनिवार्य: कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश
डिजिटल डेस्क | Kolkata : पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दुर्गा पूजा समितियों को दिए जाने वाले ₹1.10 लाख के अनुदान पर अब कलकत्ता हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं समितियों को अनुदान मिलेगा जिन्होंने पिछले वर्षों में प्राप्त राशि का उपयोग प्रमाण पत्र (Utilization Certificate) समय पर प्रस्तुत किया है।
राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह आगामी सुनवाई से पहले हलफनामा दाखिल करे, जिसमें उन समितियों की सूची हो जिन्होंने पूर्व अनुदान का विधिवत उपयोग किया है। अदालत ने यह भी पूछा कि जिन समितियों ने कोई लेखा-जोखा नहीं दिया, उन्हें फिर से अनुदान क्यों दिया जा रहा है।
न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति स्मिता दास डे की खंडपीठ ने कहा:
“सार्वजनिक धन का वितरण पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए। बिना उपयोग प्रमाण पत्र के अनुदान देना अनुचित है।”
📌 मुख्य बिंदु:
- ₹1.10 लाख अनुदान पर हाईकोर्ट ने पारदर्शिता की मांग की
- 500 से अधिक समितियों को अनुदान मिला, 36 ने प्रमाण पत्र नहीं दिया
- जनहित याचिका में करदाताओं के धन के दुरुपयोग का आरोप
- राज्य सरकार ने जन कल्याण और सांस्कृतिक विरासत का हवाला दिया
- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बिजली बिल में 80% छूट की भी घोषणा की
इस मामले में जनहित याचिका दाखिल करने वाले याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि करदाताओं के धन का दुरुपयोग हो रहा है, जबकि राज्य सरकार ने तर्क दिया कि यह अनुदान जन कल्याण और सांस्कृतिक संरक्षण के उद्देश्य से दिया जा रहा है।
इस आदेश के बाद राज्य भर की पूजा समितियों में हलचल मच गई है। कई समितियाँ अब अपने पुराने दस्तावेज़ तैयार कर रही हैं ताकि वे आगामी अनुदान के लिए पात्रता साबित कर सकें।
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