कोलकाता कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने तीन महीनों के भीतर महंगाई भत्ते की बकाया रकम का भुगतान करने के अपने आदेश पर पुनर्विचार करने से गुरुवार को इनकार कर दिया। पश्चिम बंगाल सरकार ने पीठ के आदेश पर पुनर्विचार का अनुरोध किया था। न्यायमूर्ति हरीश टंडन और न्यायमूर्ति रबींद्रनाथ सामंत ने 20 मई के आदेश पर पुनर्विचार करने की राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी।

राज्य प्रशासनिक अधिकरण (एसएटी) के एक आदेश को बरकरार रखते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मई में पश्चिम बंगाल सरकार को तीन महीने के भीतर जुलाई 2009 से बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान करने का निर्देश दिया था।

राज्य सरकार ने एसएटी के जुलाई 2019 के आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दाखिल की थी। एसएटी ने इस आदेश में राज्य सरकार को केंद्र के निर्देशों के अनुरूप महंगाई भत्ता देने और तीन किश्तों में बकाया रकम का भुगतान करने को कहा था।

खंडपीठ ने राज्य सरकार के श्रमिक संघों द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के लिए नौ नवंबर की तारीख भी तय की है। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्राधिकारियों ने मई 2022 से तीन महीनों के भीतर महंगाई भत्ते का भुगतान नहीं किया है।

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