नई दिल्ली | 30 दिसंबर 2025: नए साल की पूर्व संध्या से ठीक पहले देशभर में गिग वर्कर्स ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे डिलीवरी और ई-कॉमर्स सेवाओं पर बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
प्रमुख डिलीवरी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े हजारों गिग वर्कर्स बुधवार को इस हड़ताल में शामिल होंगे।
यह हड़ताल तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) के संयुक्त आह्वान पर बुलाई गई है। इसे महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के कई क्षेत्रीय संगठनों का भी समर्थन मिला है।

बड़े शहरों में सेवाएं प्रभावित होने की चेतावनी
यूनियनों के अनुसार, बेंगलुरु, पुणे, दिल्ली, हैदराबाद और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों में ग्राहकों को पूरे दिन लंबा इंतजार, ऑर्डर रद्द होने और सीमित डिलीवरी विकल्पों का सामना करना पड़ सकता है।
इसके अलावा, कई टियर-2 शहरों में भी सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है, क्योंकि वहां के क्षेत्रीय संगठन भी हड़ताल में शामिल हो रहे हैं।
क्या हैं गिग वर्कर्स की मांगें
यूनियन नेताओं का कहना है कि यह विरोध ग्राहकों को असुविधा पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि गिग वर्कर्स की लगातार अनदेखी हो रही समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए है। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं—
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- न्यूनतम आय की गारंटी – घटती कमाई और बढ़ते ईंधन-खर्च के बीच उचित वेतन संरचना
- सामाजिक सुरक्षा – स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, PF और छुट्टियों का प्रावधान
- पारदर्शी एल्गोरिदम – ऑर्डर असाइनमेंट और रेटिंग सिस्टम में पारदर्शिता
- काम के बोझ में कमी – लंबे घंटे और अनुचित दबाव
- अनुचित ब्लॉक/डिएक्टिवेशन पर रोक
यूनियन नेता किरण कुमार ने कहा, “यह हड़ताल ग्राहकों को परेशान करने के लिए नहीं है। हम सिर्फ अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए लड़ रहे हैं। नए साल की पूर्व संध्या पर डिलीवरी की मांग सबसे ज्यादा होती है, इसलिए हमने इस दिन को चुना ताकि हमारी आवाज तेजी से सुनी जाए।”
प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर असर
जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट, जेप्टो, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म्स से जुड़े डिलीवरी पार्टनर्स ने या तो ऐप से लॉग-ऑफ करने या काम काफी हद तक कम करने की योजना बनाई है। इससे साल के सबसे व्यस्त कारोबारी दिनों में से एक पर डिलीवरी सेवाओं में देरी और रुकावट की स्थिति बन सकती है।
नए साल के जश्न पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हड़ताल व्यापक रही, तो न्यू ईयर सेल, पार्टी ऑर्डर और ऑनलाइन खरीदारी पर इसका सीधा असर पड़ेगा। हालांकि, कंपनियों की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
- कांग्रेस: राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, “गिग वर्कर्स भारत की रीढ़ हैं। उन्हें न्यूनतम सुरक्षा और सम्मानजनक आय मिलनी चाहिए।”
- भाजपा: कुछ नेताओं ने कहा कि यह “वामपंथी संगठनों की साजिश” है।
- सामाजिक मीडिया: #GigWorkersStrike और #DeliveryWorkersRights ट्रेंड कर रहे हैं।
यह हड़ताल नए साल की पूर्व संध्या पर सबसे बड़े व्यावसायिक दिनों में से एक को प्रभावित कर सकती है। ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे पहले से ऑर्डर कर लें या वैकल्पिक व्यवस्था करें।
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