कोलकाता। पाकिस्तानी रेंजर्स की ओर से रिहा होने के एक हफ्ते बाद BSF जवान पूर्णम साव पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में स्थित अपने घर पहुंचे। जवान ने कहा कि वह अपने माता-पिता के लिए काफी चिंतित थे इसलिए वह अपने घर आ गए।
लोगों ने किया फूलों से स्वागत
पूर्णम ने कहा,’ मुझे अच्छा लग रहा है। मैं ऑपरेशन के बाद लोगों से यहां मिलने आया था। मुझे अपने माता-पिता की चिंता थी, इसलिए मैं घर आया और अपने पूरे परिवार से मिला।
मैं ऑपरेशन सिंदूर के समय भी वहां था और मेरे माता-पिता चिंतित थे इसलिए मैं उनसे मिलने आया। जवान के अपने घर पहुंचने पर लोगों ने उनका फूलों से स्वागत किया। इस दौरान हर तरफ भारत माता की जय के भी नारे लगे।

घर में जश्न का माहौल
जवान के गृहनगर में जश्न का माहौल था। इस दौरान जवान की पत्नी रजनी साव ने कहा कि यह उनके लिए दिवाली जैसा है क्योंकि उनके राम घर वापस आ रहे हैं। पूरा माहौल खुशियों से घिरा है। देश का एक सैनिक घर वापस आ रहा है।
रजनी ने कहा,’ आज हमारे लिए दिवाली है क्योंकि मेरे राम आ रहे हैं। यह वाकई बेहद अच्छा लग रहा है। बेहद उत्साह है। शहर पूरी तरह से सजाया गया है और यह देखकर बेहद अच्छा लग रहा है।
गलती से सीमा पार कर गए थे पूर्णम
बता दें कि पूर्णम कुमार साव BSF किसान गार्ड का हिस्सा थे। वह पंजाब के फिरोजपुर में भारतीय किसानों की सुरक्षा के लिए तैनात थे। 23 अप्रैल 2025 को साव गलती से सीमा पार कर गए थे।
बाद में 14 मई 2025 को पाकिस्तान ने उन्हें अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए वापस भारत लौटा दिया था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी BSF जवान की सुरक्षित वापसी पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि TMC सरकार ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए काफी प्रयास किए थे।
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