कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुर्सियांग से भाजपा विधायक बिष्णु प्रसाद शर्मा ने राज्य के बंटवारे की मांग उठाते हुए कहा कि दिन में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ विधायकों की बैठक के दौरान वह इस मुद्दे को रखेंगे। दार्जीलिंग से गोरखा विधायक शर्मा ने पिछले साल भी पश्चिम बंगाल के पहाड़ी हिस्सों को अलग कर नया राज्य बनाने की मांग की थी। उन्होंने कहा, ‘‘उत्तरी बंगाल के लोग लंबे समय से वंचित हैं। आज मैं अपने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ होने वाली बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल के बंटवारे की मांग करूंगा।’’ उल्लेखनीय है कि नड्डा का पश्चिम बंगाल दौरे के अंतिम दिन भाजपा विधायकों और सांसदों के साथ बैठक करने का कार्यक्रम है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल में बयान दिया था कि वह अपने रक्त के आखिरी बूंद तक राज्य का बंटवारा नहीं होने देंगी। उनके इस बयान का संदर्भ देते हुए शर्मा ने कहा कि कोई खूनखराबा नहीं होगा क्योंकि राज्य का बंटवारा लोकतांत्रिक तरीके से होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं माननीय दीदी (बनर्जी) से अनुरोध करूंगा कि वह अपने खून को उन मरीजों के लिए बचाएं जिन्हें इसकी जरूरत है। लेकिन मैं उन्हें भरोसा दे सकता हूं कि कोई खून खराब नहीं होगा क्योंकि हम सुनिश्चित करेंगे कि बंगाल का बंटवारा लोकतांत्रिक तरीके से हो।’’

उल्लेखनीय है कि पिछले साल शर्मा ने नड्डा को पत्र लिखकर दार्जीलिंग की पहाड़ियों को पश्चिम बंगाल से अलग करने की मांग की थी। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से गोरखालैंड को राज्य का दर्जा देने की मांग का स्थायी राजनीतिक समाधान निकालने के वादे को पूरा करने का अनुरोध किया था। भाजपा के अलीपुरद्वार से सांसद जॉन बराला, मतिगारा-नक्सलवाड़ी और देबग्राम-फूलबाड़ी सीटों से विधायक क्रमश: आनंदमय बर्मन और शिखा चटर्जी ने उत्तर बंगाल के जिलों को अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग की है।

बिष्णुपुर से सांसद सौमित्र खान ने हाल में राज्य के दक्षिण पश्चिमी जिलों को अलग कर ‘‘जंगलमहल’’ राज्य बनाने की मांग दोहराई है और उन्होंने बुधवार रात को इस मांग को लेकर नड्डा से मुलाकात भी की। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनकी निजी मांग है न कि भाजपा की। भाजपा के राज्य नेतृत्व ने विभिन्न विधायकों और सांसदों द्वारा की जा रही मांग से किनारा कर लिया है और उनका कहना है कि पार्टी पश्चिम बंगाल के बंटवारे के पक्ष में नहीं है।

पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘हम राज्य का बंटवारा नहीं चाहते हैं, लेकिन महसूस करते हैं कि उत्तरी बंगाल क्षेत्र में विकास की जरूरत है।’’ हालांकि, राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर राज्य में अलगाववाद को हवा देने का आरोप लगाया है। तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने कहा, ‘‘हमारी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि पश्चिम बंगाल का बंटवारा नहीं होगा। भाजपा नेता अपने हित के लिए राज्य में अलगाववाद को हवा दे रहे हैं। लेकिन उन्हें इसका कोई लाभ नहीं होगा।’’

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