पार्टी का दावा- वायरल वीडियो में अधिकारी ममता बनर्जी और TMC की जीत का आह्वान करते दिखे, 2021 का हवाला देकर कहा- पहले भी ट्रांसफर किया गया था
कोलकाता न्यूज डेस्क | 4 अप्रैल 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले भाजपा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कोलकाता पुलिस के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत राज्य से बाहर ट्रांसफर करने की मांग की है।
पार्टी का आरोप है कि ये अधिकारी निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
भाजपा ने अपने पत्र में कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास, इंस्पेक्टर (आईसी) विश्वजीत राउत और सब-इंस्पेक्टर राहुल अमीन अली शाह का नाम लिया है।
पार्टी ने कहा कि इन अधिकारियों की मौजूदगी चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
वायरल वीडियो का हवाला
भाजपा ने दावा किया है कि एक वायरल वीडियो सामने आया है, जिसमें ये अधिकारी पश्चिम बंगाल पुलिस वेलफेयर कमेटी के एक कार्यक्रम में कथित तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की जीत सुनिश्चित करने की अपील करते नजर आ रहे हैं।
पार्टी का कहना है कि इस तरह का आचरण चुनाव आचार संहिता के खिलाफ है और अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है।
पहले भी की जा चुकी है शिकायत
भाजपा ने पत्र में बताया कि इन आरोपों को लेकर पहले भी चुनाव आयोग से शिकायत की जा चुकी है।
9 मार्च 2026 को चुनाव आयोग की फुल बेंच के सामने और 22 मार्च 2026 को लिखित रूप में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
2021 का हवाला
पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि उस समय शांतनु सिन्हा बिस्वास का कूच बिहार से चुनाव खत्म होने के बाद ट्रांसफर कर दिया गया था, जिससे यह सुनिश्चित किया गया था कि वे मतदान वाले क्षेत्र में तैनात न रहें।
भाजपा ने जोर देकर कहा कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों का निष्पक्ष होना बेहद जरूरी है।
भाजपा की अपील
भाजपा ने चुनाव आयोग से अपील की है कि बिना किसी देरी के उचित कदम उठाए जाएं और संबंधित अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक पश्चिम बंगाल से बाहर स्थानांतरित किया जाए, ताकि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित किया जा सके।
TMC का जवाब
तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के इस पत्र को “बेबुनियाद और राजनीतिक साजिश” करार दिया है। TMC प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा चुनाव से पहले प्रशासन को दबाव में डालने की कोशिश कर रही है।
चुनाव आयोग की भूमिका
चुनाव आयोग अब इस पत्र पर विचार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, आयोग जल्द ही राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांग सकता है।
चुनावी माहौल
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियां जोरों पर हैं। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है। अब इस पत्र ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।
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