कोलकाता | 17 दिसंबर 2025 : पश्चिम बंगाल में औद्योगीकरण को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से बंगाल औद्योगीकरण के मामले में लगातार पिछड़ता गया है।
इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी ने एक विशेष बुकलेट “West Bengal: Industrialisation Graveyard” जारी की है, जिसमें राज्य की औद्योगिक स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं। बुकलेट में दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल में बड़े उद्योगों के अभाव के कारण रोजगार के अवसर घटे हैं और युवा वर्ग को राज्य से बाहर पलायन करना पड़ रहा है।
📘 BJP की बुकलेट में क्या कहा गया?
बुकलेट में बीजेपी ने दावा किया है कि—

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राज्य में बड़े औद्योगिक निवेश ठप हो गए हैं
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औद्योगिक नीति में स्पष्टता और भरोसे की कमी है
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रोजगार सृजन के लिए बड़े उद्योग लगाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है
🗣️ सामिक भट्टाचार्य का आरोप
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सामिक भट्टाचार्य ने कहा कि “जब से तृणमूल कांग्रेस सत्ता में आई है, तब से कई बड़े औद्योगिक घरानों ने पश्चिम बंगाल छोड़ दिया है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सिंगूर और नंदीग्राम में हुए आंदोलनों और घटनाओं ने देश-भर के उद्योगपतियों को बंगाल के खिलाफ नकारात्मक संदेश दिया, जिसका असर आज भी राज्य की औद्योगिक छवि पर पड़ रहा है।
🌱 किसानों को मालिकाना हक की मांग
सामिक भट्टाचार्य ने सुझाव दिया कि यदि राज्य में औद्योगीकरण को दोबारा गति देनी है, तो—
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बड़े उद्योगों की स्थापना अनिवार्य है
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किसानों से ली गई जमीन पर बनने वाली औद्योगिक इकाइयों में उन्हें मालिकाना हक दिया जाना चाहिए
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इससे उद्योग और किसान — दोनों का हित सुरक्षित रहेगा
🧩 राजनीतिक मायने
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, औद्योगीकरण का मुद्दा 2026 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा चुनावी हथियार बन सकता है। बीजेपी जहां इसे तृणमूल सरकार की विफलता बता रही है, वहीं TMC पहले भी दावा करती रही है कि राज्य में निवेश और उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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