Bihar: भारतरत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पालन किया गया

सीतामढ़ी : राष्ट्रीय जनता दल, डुमरा, सीतामढ़ी के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष रामजी निशराम के आवास ग्राम धोबौली में भारतरत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की पुण्यतिथि का पालन किया गया। डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के चित्र पर अध्यक्ष रामजी निशराम ने माल्यार्पण किया। साथ में हिंदी फिल्मों के अभिनेता नरेंद्र कुमार ने भी चित्र पर माल्यार्पण किया तथा उदय राम, अजय दास, बसंत कुमार, रामचंद्र राम, मुन्ना कुमार, सुरेश दास, सीता कुमार, सुजीत राम सहित सैकड़ों ग्रामवासी उपस्थित हुए तथा अंबेडकर जी के चित्र पर माल्यार्पण तथा पुष्प चढ़ाकर सभी ने श्रद्धांजलि व्यक्त किया।

सभी वक्ताओं ने बाबा साहब के संविधान निर्माता के रूप में अविस्मरणीय योगदान को याद किया और उनके बताए गए रास्ते पर चलने की शपथ ली। डॉ. अंबेडकर के अलावा भारतीय संविधान की रचना हेतु कोई अन्य विशेषज्ञ भारत में नहीं था। अतः सर्वसम्मति से डॉ. अंबेडकर को संविधान सभा की प्रारूपण समिति का अध्यक्ष चुना गया। 26 नवंबर 1949 को डॉ. अंबेडकर द्वारा रचित (315 अनुच्छेद का) संविधान पारित किया गया।

डॉ. अंबेडकर का लक्ष्य था- ‘सामाजिक असमानता दूर करके दलितों के मानवाधिकार की प्रतिष्ठा करना।’ डॉ. अंबेडकर ने गहन-गंभीर आवाज में सावधान किया था, ’26 जनवरी 1950 को हम परस्पर विरोधी जीवन में प्रवेश कर रहे हैं। हमारे राजनीतिक क्षेत्र में समानता रहेगी किंतु सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में असमानता रहेगी। जल्द से जल्द हमें इस परस्पर विरोधता को दूर करना होगी, वर्ना जो असमानता के शिकार होंगे, वे इस राजनीतिक गणतंत्र के ढांचे को उड़ा देंगे।’

अंबेडकर मधुमेह से पीड़ित थे। 6 दिसंबर 1956 को उनकी मृत्यु दिल्ली में नींद के दौरान उनके घर में हो गई। 1990 में उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

हम हैं दरिया हमें अपना हुनर मालूम है,
जिस तरफ निकल जाएंगे, वहीं रास्ता बना लेंगे।

यही उक्ति डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन संघर्ष का प्रतीक है।

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