SIR: Election Commission officials begin review meeting in Alipurduar

बंगाल SIR: वोटर लिस्ट से 58 लाख नाम हुए बाहर, 1 लाख से ज्यादा फर्जी वोटर मिले

कोलकाता हिन्दी न्यूज | 12 दिसंबर 2025 :  पश्चिम बंगाल में जारी मतदाता सूची (Voter List Revision) के बीच एक बड़ा खुलासा सामने आया है। राज्य के State Integrated Revision (SIR) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल वोटर लिस्ट की समीक्षा के दौरान 58 लाख से अधिक नाम हटाए गए, जबकि 1 लाख से ज्यादा फर्जी या दोहरे वोटर (Duplicate/ Bogus Voters) पकड़े गए हैं।

चुनाव आयोग ने इसे “सबसे बड़ी संरचनात्मक सुधार प्रक्रिया” बताया है।

🔍 क्या मिला इस बार की SIR लिस्ट में?

चुनाव आयोग द्वारा जारी अपडेट के अनुसार — 58,12,430 नाम हटाए गए, इनमें मृतक, डुप्लीकेट, स्थानांतरित, सत्यापन न देने वाले और अवैध प्रविष्टियाँ शामिल है। इसके अलावा 1,07,516 फर्जी/डुप्लीकेट वोटरों को चिन्हित किया गया है। 

  • नए रजिस्ट्रेशन में लगभग 27 लाख नए वोटर जुड़े
  • 18–19 वर्ष आयु वर्ग के वोटरों में महत्वपूर्ण वृद्धि

एक वरिष्ठ EC अधिकारी के अनुसार: “यह अब तक का सबसे बड़ा डिलेशन ड्राइव है। लक्ष्य है कि 2026 विधानसभा चुनाव से पहले पूरी तरह साफ और सत्यापित मतदाता सूची तैयार की जाए।”

📌 क्यों हटाए गए इतने नाम?

EC के अनुसार मुख्य वजहें हैं:

  • लम्बे समय से अनअपडेटेड एंट्री
  • एक ही व्यक्ति का दो जगह रजिस्टर्ड होना
  • फॉर्म-6B के सत्यापन में असंगतियाँ
  • आधार/पते के क्रॉस-वेरिफिकेशन में मैच न होना
  • बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों में शिफ्ट होना

BLOs (Booth Level Officers) ने इस बार डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन अभियान में अधिक कड़ाई अपनाई।

🗳 राजनीतिक हलकों में हलचल

राज्य की भिन्न पार्टियों ने इस अपडेट पर अपने-अपने दावे किए—

TMC का आरोप – “TMC नेताओं ने EC से पूछा है कि ‘अचानक इतनी बड़ी डिलेशन’ का आधार क्या है? कई जगहों पर गरीब और ग्रामीण वोटरों के नाम हटने की शिकायतें मिली हैं।”

BJP ने कहा: “यह तो साफ सबूत है कि राज्य में सालों से फर्जी वोटरों का नेटवर्क चल रहा था। EC की कार्रवाई सही दिशा में है।”

CPM और कांग्रेस दोनों दलों ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए “रॉ डेटा पब्लिक पोर्टल” जारी करने की मांग की है।

📍 किन जिलों में सबसे ज्यादा डिलेशन?

अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक—

जिला हटे नाम फर्जी/डुप्लीकेट
उत्तर 24 परगना सबसे अधिक
मालदा अधिक
मुर्शिदाबाद अधिक
दक्षिण 24 परगना मध्यम
नादिया मध्यम
कोलकाता कम

EC स्रोतों के अनुसार अगले सप्ताह विस्तृत जिला-वार रिपोर्ट जारी की जाएगी।

🚨 चुनाव आयोग ने क्या कहा?

मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO Bengal) ने प्रेस बयान में कहा: “हमारा लक्ष्य है कि बंगाल में कोई भी फर्जी वोट न बचे। न किसी का नाम गलत तरीके से हटे, न किसी का नाम गलत तरीके से जुड़ जाए। यह प्रक्रिया अभी जारी है।”

उन्होंने यह भी बताया कि

  • फरवरी तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी
  • आपत्तियों के लिए ऑनलाइन सुनवाई का विकल्प खुला है
  • हर बूथ पर BLO उपलब्ध रहेगा

🗣️ लोगों में चिंता और भ्रम

कोलकाता, हावड़ा और मुर्शिदाबाद में कई लोगों ने शिकायत की— “नाम हट गया, लेकिन घर तक कोई सत्यापन के लिए नहीं आया।”  EC का कहना है कि ऐसे मामलों में फॉर्म 6 और 6B के माध्यम से तुरंत पुनः आवेदन किया जा सकता है।

📅 अब आगे क्या?

  • अंतिम लिस्ट फरवरी में
  • मार्च-अप्रैल में वोटर स्लिप वितरण
  • 2026 चुनाव से पहले दोबारा माइक्रो-वेरिफिकेशन

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