SIR WB Update

बंगाल में SIR तेज करने की तैयारी, 2000 और माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करेगा आयोग

  • 25 दिनों में 1.26 करोड़ मामलों की सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य

कोलकाता | 13 जनवरी 2026: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम तेज़ करने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने राज्य में करीब 2000 अतिरिक्त माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही अब तक नियुक्त माइक्रो ऑब्जर्वरों की कुल संख्या लगभग 6600 हो जाएगी।

चुनाव आयोग के मुताबिक, नए माइक्रो ऑब्जर्वर भी केंद्र सरकार के गजेटेड अधिकारी होंगे। इन्हें गुरुवार को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि सुनवाई प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। आयोग का लक्ष्य है कि अगले 25 दिनों के भीतर SIR से जुड़ा पूरा काम पूरा कर लिया जाए।

1.26 करोड़ लोगों की होनी है सुनवाई

चुनाव आयोग ने बताया कि बंगाल में

  • लॉजिकल विसंगतियों (Logical Inconsistencies) की सूची में करीब 94 लाख लोग शामिल हैं

  • ‘नो मैपिंग’ (No Mapping) श्रेणी में 32 लाख लोग हैं

इस तरह कुल 1 करोड़ 26 लाख मतदाताओं से जुड़ी सुनवाई होनी है। आयोग के अनुसार, यह सुनवाई प्रक्रिया 15 से 20 दिनों तक चलेगी और इसकी अंतिम तिथि 7 फरवरी तय की गई है।

अब तक

  • 70 लाख नोटिस सुनवाई के लिए तैयार किए जा चुके हैं

  • जिनमें से 34 लाख नोटिस पहले ही भेजे जा चुके हैं

सीमित समय में इतने बड़े पैमाने पर सुनवाई पूरी करने के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन की आवश्यकता को देखते हुए आयोग ने नए माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करने का फैसला लिया है।

सुनवाई से गायब माइक्रो ऑब्जर्वर

SIR प्रक्रिया के दौरान एक और अहम मामला सामने आया है। चुनाव आयोग ने 778 माइक्रो ऑब्जर्वरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि ये अधिकारी सुनवाई प्रक्रिया में शामिल नहीं हो रहे थे।

गौरतलब है कि

  • माइक्रो ऑब्जर्वरों के लिए 24 दिसंबर को प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया था

  • लेकिन उस दिन बहुत कम संख्या में अधिकारी प्रशिक्षण में पहुंचे

आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को 48 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। समय पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आयोग कड़ा रुख अपनाते हुए निलंबन जैसी कार्रवाई भी कर सकता है।

SIR को लेकर बढ़ी सियासी हलचल

बंगाल में SIR पहले से ही राजनीतिक विवाद का मुद्दा बना हुआ है। लाखों नामों के ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटने के बाद विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में आयोग की ओर से तेजी से काम पूरा करने की यह कोशिश आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

twelve − eleven =