कोलकाता, 30 दिसंबर 2025: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की सुनवाई प्रक्रिया में रविवार को बड़ा हंगामा हो गया। दक्षिण 24 परगना जिले के एक सुनवाई केंद्र पर एक विशेष रोल पर्यवेक्षक के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना सामने आई है।
आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बूथ लेवल एजेंट (BLA 2) ने पर्यवेक्षक सी मुरुगन के साथ बदसलूकी की, जब वे मतदाता सूचियों से जुड़ी सुनवाई के लिए पहुंचे थे।
घटना का पूरा ब्योरा
- पर्यवेक्षक सी मुरुगन SIR प्रक्रिया के तहत सुनवाई केंद्र पर पहुंचे थे, जहां उन्हें बाबरी मस्जिद या अन्य विवादित मुद्दों से जुड़े नहीं, बल्कि मतदाता सत्यापन का काम सौंपा गया था।
- TMC के BLA 2 ने उनका विरोध किया और केंद्र में प्रवेश रोकने की कोशिश की। इससे वहां तनावपूर्ण माहौल बन गया।
- स्थानीय पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, लेकिन घटना ने SIR प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए।
- सूत्रों के अनुसार, पर्यवेक्षक ने बाद में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बदसलूकी और धमकी का जिक्र है।
यह घटना पूरे राज्य में SIR सुनवाई के पहले दिन की शुरुआत में हुई, जब TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सभी BLA 2 को सुनवाई केंद्रों पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया था।

बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा था, “SIR TMC समर्थकों को निशाना बनाने की साजिश है। BLA 2 सुनवाई में मौजूद रहें और अनियमितताओं पर नजर रखें।”
राज्यभर में कहा-सुनी की घटनाएं
- रविवार को लगभग सभी जिलों से SIR सुनवाई केंद्रों पर TMC के BLA 2 और चुनाव आयोग के कर्मचारियों के बीच कहा-सुनी की खबरें आईं।
- चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि BLA 2 को सुनवाई केंद्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं है, क्योंकि प्रक्रिया में केवल BLA 1 (मुख्य एजेंट) को ही भाग लेने का अधिकार है।
- कई केंद्रों पर TMC कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि SIR “राजनीतिक पूर्वाग्रह” से प्रेरित है।
- आयोग के अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार है और किसी भी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
- TMC: अभिषेक बनर्जी ने कहा, “SIR अब डर का साधन बन गया है। हमारे BLA 2 को रोका जा रहा है, लेकिन हम चुप नहीं रहेंगे। प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर CEC से मिलेगा।”
- BJP: राज्य अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने TMC पर आरोप लगाया, “वे SIR से डर रहे हैं क्योंकि फर्जी मतदाता पकड़े जा रहे हैं। पर्यवेक्षकों के साथ दुर्व्यवहार शर्मनाक है।”
- चुनाव आयोग (EC): आयोग ने कहा कि सभी केंद्रों पर पर्यवेक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई होगी।
SIR प्रक्रिया की पृष्ठभूमि
- SIR शनिवार (28 दिसंबर) से शुरू हुई और 5 जनवरी तक चलेगी।
- राज्य में 294 विधानसभा क्षेत्रों में 3,234 केंद्र बनाए गए हैं।
- लगभग 2 करोड़ मतदाताओं को “अमान्य” चिह्नित किया गया है, जिनकी सुनवाई हो रही है।
- TMC इसे “TMC समर्थकों को हटाने की साजिश” बता रही है, जबकि आयोग इसे “सूची शुद्धिकरण” कहता है।
यह घटना SIR को लेकर पहले से चल रहे विवाद को और भड़का सकती है। TMC का दिल्ली दौरा और आयोग की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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