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बंगाल में निपा वायरस का खतरा बढ़ा! दो नर्सों में संक्रमण का शक

कोलकाता/बारासात, 13 जनवरी 2026: पश्चिम बंगाल में निपा वायरस को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। कोलकाता के पास बारासात क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में काम करने वाली दो नर्सों (एक पुरुष और एक महिला) में निपा वायरस संक्रमण का संदेह जताया गया है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें वेंटिलेशन पर रखा गया है।

स्वास्थ्य भवन से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों मरीजों के सैंपल कल्याणी एम्स भेजे गए थे, जहां शुरुआती जांच में निपा वायरस की पुष्टि होने की आशंका जताई गई है। अंतिम पुष्टि के लिए रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी गई है।

पूर्व बर्धमान से जुड़ा ट्रैवल हिस्ट्री

जानकारी के अनुसार, संक्रमित महिला नर्स करीब दस दिन पहले पूर्व बर्धमान जिले के काटोया स्थित अपने घर गई थीं। वहां पहुंचने के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।

  • 31 दिसंबर को उन्हें काटोया अस्पताल में भर्ती कराया गया
  • हालत गंभीर होने पर बर्धमान मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया
  • दो दिन तक आईसीयू में इलाज चला

स्वास्थ्य में सुधार न होने पर महिला को विशेष एम्बुलेंस के जरिए उनके कार्यस्थल यानी बारसात के निजी अस्पताल लाया गया, जहां उन्हें तुरंत आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। फिलहाल उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

दूसरे नर्स में भी समान लक्षण

इसी अस्पताल में कार्यरत एक पुरुष नर्स में भी निपा वायरस जैसे लक्षण पाए गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों मरीजों के लक्षण काफी हद तक समान हैं, जिसके चलते संक्रमण की आशंका और गहरी हो गई है। उन्हें भी वेंटिलेशन पर रखा गया है और कड़ी निगरानी में इलाज चल रहा है।

हाई-रिस्क बीमारी, केंद्र को भेजी गई रिपोर्ट

निपा वायरस को सरकार ने नोटिफ़िएबल डिज़ीज़ की श्रेणी में रखा है, यानी इससे जुड़े मामलों की जानकारी केंद्र सरकार को देना अनिवार्य होता है।
स्वास्थ्य भवन ने दोनों संदिग्ध मामलों की प्रारंभिक रिपोर्ट केंद्र को भेज दी है। अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रिपोर्ट का विश्लेषण कर अंतिम पुष्टि करेगी।

अस्पताल और आसपास के इलाकों में सतर्कता

बारसात के निजी अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। सभी स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट, मास्क और सुरक्षा उपकरणों के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही, आसपास के इलाकों में भी सर्विलांस बढ़ा दिया गया है और स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट मोड में आ गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के तेज बुखार, सांस की दिक्कत या असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अफवाहों से बचें।

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