- यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत मुफ्त वैक्सीनेशन
- केंद्र से भेजे गए करीब तीन लाख वैक्सीन वायल
कोलकाता न्यूज डेस्क | 10 मार्च 2026: कैंसर के प्रसार को रोकने के लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग ने विशेष पहल की है। केंद्रीय योजना यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम (यूआईपी) के तहत अब राज्य के सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी मेडिकल कॉलेजों में भी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) का टीका लगाया जाएगा।
यह टीकाकरण पूरी तरह नि:शुल्क होगा। निजी मेडिकल कॉलेजों में वैक्सीनेशन के लिए तैयार किए गए विशेष स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को भेजे निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट अस्पतालों को इस संबंध में निर्देश भेज दिए हैं। वहीं राज्य के सरकारी अस्पतालों में भी इस टीकाकरण की तैयारी शुरू कर दी गई है। हेल्थ वर्कर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वैक्सीनेशन शुरू किया जाएगा।
सरकारी अस्पतालों के लिए वैक्सीनेशन गाइडलाइंस कुछ समय पहले आधिकारिक रूप से जारी की जा चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस अभियान को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को करीब तीन लाख वैक्सीन वायल भेजे हैं।
मुख्य बातें –:
- सभी सरकारी अस्पतालों + निजी मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त एचपीवी टीकाकरण
- केंद्र से भेजे गए करीब 3 लाख वैक्सीन वायल
- लक्ष्य: 9 से 14 साल की लड़कियों को 2 डोज, 15–45 साल की महिलाओं को 3 डोज
- कक्षा 5 से 9 तक की छात्राओं को मुफ्त वैक्सीनेशन
- निजी संस्थानों में सप्ताह में अधिकतम 2 दिन सेशन (बुधवार-गुरुवार प्राथमिकता)
- नोडल अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य
- वैक्सीनेशन के बाद तत्काल इलाज की व्यवस्था
इस उम्र की लड़कियों को लगेगा टीका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एचपीवी वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाव में मदद करती है। यह वायरस सर्वाइकल, एनल, गले और जननांगों से जुड़े कैंसर तथा मस्सों का कारण बन सकता है। आमतौर पर नौ से 14 वर्ष की लड़कियों को इस वैक्सीन की दो डोज दी जाती हैं, जबकि 15 से 45 वर्ष की महिलाओं को तीन डोज लगाई जाती हैं।
छात्राओं को वैक्सीन मुफ्त देने का निर्देश
केंद्र सरकार की मदद से राज्य सरकारों को कक्षा पांचवीं से नौवीं तक की छात्राओं को यह वैक्सीन मुफ्त देने का निर्देश दिया गया है, ताकि इस बीमारी के प्रसार को रोका जा सके।
स्वास्थ्य भवन के एक अधिकारी ने बताया कि यह पहल सरकारी वैक्सीनेशन सेवाओं का दायरा बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। साथ ही सेवा की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरे कार्यक्रम को नियंत्रित तरीके से लागू किया जा रहा है।
सप्ताह में दो दिन से अधिक नहीं होंगे सेशन
नई गाइडलाइंस के अनुसार निजी संस्थानों में सप्ताह में अधिकतम दो दिन ही वैक्सीनेशन सेशन आयोजित किए जा सकेंगे। इसके लिए बुधवार और गुरुवार को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया है। हालांकि अंतिम निर्णय संबंधित जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी से सलाह लेकर ही किया जाएगा।
निजी मेडिकल कॉलेजों को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा, जो जिला प्रशासन के साथ समन्वय रखते हुए वैक्सीन के संग्रहण और टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा। गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित सेशन में केवल सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई वैक्सीन ही लगाई जाएगी।
वैक्सीनेशन के बाद स्वास्थ्य समस्या पर तत्काल इलाज
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि वैक्सीनेशन के बाद यदि किसी भी प्रकार की अनचाही घटना होती है या कोई लड़की अस्वस्थ महसूस करती है, तो उसे संबंधित अस्पताल में तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए निजी अस्पतालों को इमरजेंसी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश दिया गया है।
यह पहल बंगाल में सर्वाइकल कैंसर को रोकने की दिशा में बड़ा कदम है। आपके हिसाब से एचपीवी टीकाकरण कितना जरूरी है? कमेंट में बताइए! 💉❤️
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