कोलकाता न्यूज डेस्क | 10 जून 2026: पश्चिम बंगाल की नई सरकार में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी अब एक अनुभवी चिकित्सक और कैंसर विशेषज्ञ के हाथों में होगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने न्यूटाउन स्थित राम मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि बिधाननगर के विधायक और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शारद्वत मुखोपाध्याय राज्य के नए स्वास्थ्य मंत्री होंगे।
हालांकि मंत्रिमंडल में विभागों का आधिकारिक बंटवारा अभी होना बाकी है, लेकिन मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद तस्वीर लगभग साफ हो गई है।
राज्य के लोगों को पहली बार ऐसा स्वास्थ्य मंत्री मिलने जा रहा है, जिनका दो दशक से अधिक का व्यावहारिक चिकित्सा अनुभव रहा है और जिन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेषज्ञ के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है।
23 वर्षों का चिकित्सा अनुभव
डॉ. शारद्वत मुखोपाध्याय पिछले 23 वर्षों से अधिक समय से चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। चिकित्सा जगत में उनकी पहचान एक प्रतिष्ठित कैंसर विशेषज्ञ के रूप में है। 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बिधाननगर सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस को पराजित किया।
चुनाव परिणाम आने के बाद से ही यह चर्चा थी कि उन्हें मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। बाद में उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली और अब स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिलने की पुष्टि मुख्यमंत्री ने स्वयं कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
एक विशेष बातचीत में डॉ. शारद्वत मुखोपाध्याय ने स्पष्ट संकेत दिया कि स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में यदि कहीं भी अनियमितता या भ्रष्टाचार है तो उसे समाप्त किया जाएगा। नियुक्तियों से लेकर अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं तक जिन मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उनके इस बयान को स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
राम मंदिर में पूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने किया ऐलान
बुधवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी न्यूटाउन स्थित राम मंदिर में आयोजित यज्ञ और पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए। यह आयोजन केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया था।
इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि डॉ. शारद्वत मुखोपाध्याय राज्य के नए स्वास्थ्य मंत्री होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि चिकित्सा क्षेत्र में उनका व्यापक अनुभव स्वास्थ्य विभाग को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद करेगा।
स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
राजनीतिक और चिकित्सा जगत के जानकारों का मानना है कि किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ को स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने से नीति निर्माण और प्रशासनिक फैसलों में व्यावहारिक अनुभव का लाभ मिलेगा।
इससे अस्पतालों की व्यवस्था, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, डॉक्टरों की नियुक्ति और स्वास्थ्य ढांचे में सुधार की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
राज्य की जनता भी अब उम्मीद कर रही है कि स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त समस्याओं का समाधान तेजी से होगा और सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पहले से अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनेगी।
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