कोलकाता | 8 सितंबर 2025 : पश्चिम बंगाल में शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए West Bengal Council of Higher Secondary Education (WBCHSE) ने पहली बार सेमेस्टर आधारित प्रणाली के तहत कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा आयोजित की। इस नई व्यवस्था के तहत 6.6 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में भाग लिया, जो राज्य के शिक्षा सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
📘 क्या है नया सेमेस्टर पैटर्न?
- परीक्षा अब वर्ष में दो बार आयोजित की जाएगी — सेमेस्टर 1 (नवंबर–दिसंबर) और सेमेस्टर 2 (मार्च–अप्रैल)
- प्रत्येक सेमेस्टर में 50% पाठ्यक्रम शामिल होगा
- प्रश्नपत्रों में MCQ, केस स्टडी और विश्लेषणात्मक प्रश्नों का समावेश किया गया है
- मूल्यांकन में आंतरिक मूल्यांकन (20%) और बाह्य परीक्षा (80%) का अनुपात रखा गया है
📊 छात्र प्रतिक्रिया और प्रशासनिक तैयारी
- छात्रों ने कहा कि सेमेस्टर प्रणाली से पाठ्यक्रम का बोझ कम हुआ और तैयारी अधिक व्यवस्थित हो गई
- शिक्षकों ने इसे समयबद्ध मूल्यांकन और निरंतर सीखने की दिशा में सकारात्मक बताया
- WBCHSE ने ऑनलाइन एडमिट कार्ड, डिजिटल परीक्षा केंद्र मैपिंग, और AI आधारित निगरानी प्रणाली लागू की
🗣️ शिक्षा विभाग का बयान
WBCHSE अध्यक्ष ने कहा:
“हम चाहते हैं कि बंगाल के छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हों। सेमेस्टर प्रणाली उन्हें निरंतर मूल्यांकन और गहन समझ की दिशा में ले जाएगी।”
राज्य बोर्ड के जिन छात्रों ने कक्षा 11 में सेमेस्टर परीक्षाएं दी थीं, उन्होंने अंतिम वर्ष में भी इसी प्रारूप में परीक्षा दी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
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