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बंगाल के किसान को बताया संदिग्ध अवैध प्रवासी, मचा सियासी बवाल

संवाद सूत्र, कोलकाता : पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के दीनहाटा इलाके में रहने वाले एक किसान को असम के विदेशी न्यायाधिकरण की ओर से ‘अवैध प्रवासी’ करार दिए जाने का नोटिस मिला, जिसके बाद राज्यभर में सियासी बवाल मच गया है।

किसान उत्तम कुमार (50 वर्षीय) कूचबिहार के साद्यालेर कुठी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें इस साल की शुरुआत में एक नोटिस मिला, जिसमें कहा गया कि उन्होंने 1966 और 1971 के बीच असम के रास्ते भारत में अवैध रूप से प्रवेश किया था।

उत्तम ने कहा, मैंने अपने जीवन में कभी कूचबिहार से बाहर कदम नहीं रखा। मैं यहीं जन्मा और बड़ा हुआ हूं। मैं कैसे अवैध प्रवासी हो सकता हूं? पत्रकारों से बात करते हुए वह बेहद निराश नजर आए।

उत्तम एक छोटे किसान हैं, जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए भी संघर्ष करते हैं।

उन्होंने बताया, जनवरी में मुझे यह नोटिस मिला। मैं पढ़ाई में कमजोर हूं, इसलिए मैंने इसे पड़ोसियों को दिखाया। तभी मुझे पता चला कि असम के विदेशी न्यायाधिकरण ने मुझे घुसपैठिया बताया है।

रिपोर्ट के अनुसार, नोटिस में कहा गया कि पुलिस जांच के दौरान उत्तम जरूरी दस्तावेज नहीं दे सके, इसलिए उन्हें संदिग्ध विदेशी माना गया है। असम में काम कर रही विदेशी न्यायाधिकरण ऐसी संस्था है, जो तय करती हैं कि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक है या नहीं।

जैसे ही यह खबर सामने आई, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर हमला किया और आरोप लगाया कि यह मामला भाजपा की बंगाल विरोधी मानसिकता को दिखाता है।

  • TMC ने BJP पर साधा निशाना

उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने कहा, ब्रह्मपुत्र घाटी में जो लोग 1971 से पहले आए हैं, वे असम समझौते के अनुसार भारतीय नागरिक हैं। अगर मान भी लें कि कोई 1971 से पहले आया, तो भी वह वैध भारतीय है।

उन्होंने आगे कहा, उत्तम राजबंशी हैं, इस मिट्टी के बेटे हैं। यह नोटिस अपमानजनक है। भाजपा को बंगालियों से चिढ़ है। वह असम जैसा एनआरसी संकट यहां दोहराना चाहती है। 

TMC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, कूचबिहार के दीनहाटा निवासी के साथ असम का विदेशी न्यायाधिकरण एक अपराधी की तरह व्यवहार कर रहा है। वैध पहचान पत्र देने के बावजूद 1966 से 2008 तक के हर चुनाव की मतदाता सूची मांगी जा रही है।

(मुख्यमंत्री) ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि एनआरसी के नाम पर बंगाल में किसी तरह की ‘विच हंट’ की इजाजत नहीं दी जाएगी। हम बीजेपी को बंगाल को हिरासत शिविर में बदलने नहीं देंगे। 

TMC ने आगे कहा, उन्होंने यह काम पहले असम में किया, अब बंगाल में करना चाहते हैं। अगर कभी सत्ता में आए, तो किसी को नहीं छोड़ेंगे। जब तक दीदी सत्ता में हैं, तब तक बंगला विरोधी भाजपा बाल भी बांका नहीं कर पाएगी। यह चेतावनी है।

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