खड़गपुर ब्यूरो | 01 अप्रैल 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच हिंसा की एक और घटना सामने आई है। कूच बिहार दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के केशरीबारी इलाके में भाजपा उम्मीदवार रथिंद्रनाथ बोस के काफिले पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। हमले में एक भाजपा कार्यकर्ता घायल हो गया, जबकि काफिले की एक गाड़ी में तोड़फोड़ की गई।
क्या है मामला?
भाजपा उम्मीदवार रथिंद्रनाथ बोस अन्य पार्टी नेताओं के साथ चुनाव प्रचार समाप्त करके कूच बिहार लौट रहे थे। केशरीबारी क्षेत्र से गुजरते समय उनके काफिले पर अचानक हमला हो गया। आरोप है कि तृणमूल के कार्यकर्ताओं ने बांस के डंडों से हमला किया।
भाजपा उम्मीदवार की गाड़ी को तो कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन काफिले की एक अन्य गाड़ी की खिड़कियां तोड़ दी गईं।
हमले में भाजपा कार्यकर्ता अजीत दास घायल हो गए। उन्हें तुरंत कूच बिहार जिले के महाराजा जितेंद्र नारायण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
भाजपा का आरोप
रथिंद्रनाथ बोस ने हमले की घटना का जिक्र करते हुए कहा: “आज सुबह हमें अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के लिए एक ग्रामीण क्षेत्र में जाना था। इसी बीच, हमें अचानक सूचना मिली कि कुछ बाहरी उपद्रवियों ने उस क्षेत्र में हमारे पार्टी के झंडे फाड़ दिए हैं। उन्होंने झंडे उतारकर उनमें आग लगा दी।”
वापसी के दौरान हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने आगे कहा: “हमने सड़क पर तृणमूल के कुछ उन्मादी गुंडों को हमारी ओर बढ़ते देखा। तृणमूल के झंडे लगे बांस के डंडों से लैस होकर उन्होंने हमला कर दिया। हमारी दो-तीन गाड़ियां किसी तरह वहां से निकल गईं, फिर उन्होंने एक खास गाड़ी को निशाना बनाया और उसकी सभी खिड़कियां तोड़ दीं। उन्होंने हमारे दो-तीन साथियों को भी बांस के डंडों से मारा, जिनमें से कुछ के सिर पर चोट आई, जबकि अन्य के कंधे पर वार किए गए।”
बोस ने पुलिस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कहीं भी एक भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आया, जबकि उन्होंने पहले ही पुलिस को सूचित कर दिया था कि वे उस स्थान पर जा रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस का जवाब
तृणमूल कांग्रेस के नेता अब्दुल जलील अहमद ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह घटना जनता के स्वतःस्फूर्त आक्रोश का परिणाम थी।
उन्होंने कहा: “एसआईआर प्रक्रिया में गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों में मनमाने ढंग से मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने को देखते हुए, ऐसे विरोध प्रदर्शन जहां भी जाएंगे, वहां होना तय है। हमारी पार्टी का इसमें कोई हाथ नहीं है। जनता का गुस्सा सारी हदें पार कर चुका है।”
पुलिस की भूमिका
पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है।
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