DILIP ghosh

बंगाल में BJP का बड़ा ऐलान- दलबदलुओं के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं

कोलकाता, 19 मार्च 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अपने उम्मीदवारों की सूची में 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काटकर राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है।

209 मौजूदा विधायकों में से 135 को बरकरार रखते हुए 74 टिकट काटे गए हैं, जबकि 15 नेताओं की सीटें बदल दी गई हैं। इस फैसले से पार्टी में असंतोष की लहर दौड़ गई है, वहीं भाजपा ने इस मौके पर अपनी रणनीति साफ कर दी है – ‘अब नो एंट्री’।

TMC में बड़ा फेरबदल, कई बड़े नाम बाहर

TMC ने जिन 74 विधायकों का टिकट काटा है, उनमें कई कद्दावर नाम शामिल हैं:

  • पार्थ चटर्जी (बेहाला वेस्ट)
  • विवेक गुप्ता (जोरासांको)
  • परेश पाल (बेहाला)
  • असित मजूमदार (चिनसुरा)
  • अभिनेता चिरंजीत (बरासात)
  • कंचन मलिक (उत्तरपाड़ा)
  • मुकुटमणि अधिकारी (रानाघाट साउथ)
  • जीवन कृष्ण साहा (बर्धमान)

इसके अलावा चार मंत्री – ताजमुल हुसैन, बिप्लब रॉय चौधरी, ज्योत्स्ना मंडी और मनोज तिवारी – भी उम्मीदवार सूची में जगह नहीं बना सके।

भाजपा का ‘नो एंट्री’ मैसेज

खड़गपुर सदर सीट से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने TMC के इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी: “TMC के विधायक और मंत्री इतने ज्यादा कट मनी खा चुके हैं कि वे इसके आदी हो गए हैं।

यह भी पढ़ें:  Kolkata news : अवैध कोयला तस्करी मामले में बिजनेसमैन के घर सीबीआई की रेड

उन्हें इतनी सुविधाएं मिल गई हैं कि जब टिकट कटेगा तो वे परेशान होंगे। 74 विधायकों के टिकट कट गए हैं, हर कोई नाराज है और आधे लोग टिकट के लिए भाजपा से संपर्क कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा: “पिछली बार हमसे गलती हुई, हमने शायद हारने वाले लोगों को टिकट दे दिया था और इसका नुकसान हमें भुगतना पड़ा। इस बार भाजपा किसी को भी प्रवेश नहीं दे रही है।”

TMC में असंतोष और दलबदल की आशंका

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में टिकट काटना TMC की चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसका मकसद एंटी-इंकम्बेंसी को कम करना और नए चेहरों को मौका देना है। लेकिन पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

बंगाल की राजनीति में टिकट वितरण हमेशा से संवेदनशील मुद्दा रहा है और कई बार यह दलबदल का कारण भी बना है। भाजपा का दावा है कि कई असंतुष्ट नेता उनसे संपर्क कर रहे हैं, लेकिन पार्टी फिलहाल ‘नो एंट्री’ की नीति अपनाकर संगठनात्मक अनुशासन का संदेश देना चाहती है।

यह भी पढ़ें:  कोरोना मृतकों के शवों को ठिकाने लगा रही टीएमसी : दिलीप

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *