कोलकाता न्यूज डेस्क | 06 अप्रैल 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ते ही सियासी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा ने एक-दूसरे पर कथित तौर पर धमकी, अभद्र भाषा और अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया है। दोनों पार्टियां इस मामले को लेकर चुनाव आयोग में शिकायतें दर्ज करा चुकी हैं, जिससे राज्य का चुनावी माहौल और तनावपूर्ण हो गया है।
विवाद का केंद्र: पानीहाटी सीट
इस विवाद के केंद्र में भाजपा की पानीहाटी सीट से उम्मीदवार रत्ना देबनाथ हैं, जो पिछले साल आरजी कर अस्पताल में हुई जूनियर डॉक्टर की रेप-मर्डर घटना की पीड़िता की मां हैं।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से रविवार को शिकायत की, जिसमें रत्ना देबनाथ पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ आपत्तिजनक, धमकी भरी और अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया गया है।
कल्याण बनर्जी का दावा
कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा उम्मीदवार ने उनकी जान को खतरा पहुंचाने वाली टिप्पणियां भी की हैं। उन्होंने इन टिप्पणियों को गंभीर रूप से परेशान करने वाला और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा बताते हुए चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया।
कल्याण बनर्जी ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान अपशब्दों का प्रयोग और धमकियों का जारी होना स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनावों के सिद्धांतों को कमजोर करता है और जनता के बीच भय व शत्रुता का माहौल बनाता है।
भाजपा का पलटवार
जैसे ही TMC सांसद ने शिकायत दर्ज कराई, भाजपा ने भी कुछ ही घंटों के भीतर पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनावी अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराकर जवाब दिया। भाजपा ने कल्याण बनर्जी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक, उत्तेजक और घृणित टिप्पणियां करने का आरोप लगाया।
भाजपा ने अपनी शिकायत के साथ एक वीडियो क्लिप संलग्न करते हुए दावा किया कि कल्याण बनर्जी की टिप्पणियां कोई अकेली घटना नहीं थीं, बल्कि सत्तारूढ़ दल द्वारा भड़काऊ बयानबाजी के व्यापक पैटर्न का हिस्सा थीं।
पार्टी ने आरोप लगाया कि इन टिप्पणियों का उद्देश्य अपमानित करना, उकसाना और शत्रुता पैदा करना था, जिससे चुनाव प्रचार के बीच तनाव और ध्रुवीकरण बढ़ रहा था।

आचार संहिता का उल्लंघन
भाजपा ने चुनाव अधिकारियों से कल्याण बनर्जी को आचार संहिता का उल्लंघन करने का दोषी ठहराने, उनकी टिप्पणियों वाले वीडियो को सार्वजनिक मंचों से तत्काल हटाने का निर्देश देने, उन्हें और अन्य TMC नेताओं को समान भाषण देने से रोकने और प्रासंगिक कानूनों के तहत आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का आग्रह किया।
पानीहाटी सीट बनी बहस का केंद्र
भाजपा के आरजी कर मामले की पीड़िता की मां को उम्मीदवार बनाने से पानीहाटी सीट ने असामान्य राजनीतिक महत्व हासिल कर लिया है। भाजपा पिछले साल राज्य भर में डॉक्टर की दुष्कर्म और हत्या पर हुए आक्रोश को चुनावी मुद्दा बनाना चाहती है।
वहीं, TMC ने बार-बार भाजपा पर व्यक्तिगत त्रासदी का राजनीतिकरण करने और शोक संतप्त परिवार का ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
दूसरी ओर, भाजपा उम्मीदवार को उस राज्य की विफलता के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक बता रही है, जिसे वह न्याय और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम देखती है।
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