कोलकाता, 16 मार्च 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद चुनाव आयोग द्वारा किए गए बड़े प्रशासनिक फेरबदल पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। TMC ने इसे केंद्र की ‘घबराहट’ करार दिया, जबकि BJP ने इसे निष्पक्ष चुनाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
ECI ने क्या तबादले किए?
‘चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा, डीजीपी पीयूष पांडे और कोलकाता पुलिस कमिश्नर सुप्रतिम सरकार को हटा दिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि इन अधिकारियों को किसी भी चुनावी कार्य से दूर रखा जाएगा। नए नियुक्तियां:
- सिद्ध नाथ गुप्ता – नया डीजीपी
- अजय कुमार नंद – नया कोलकाता पुलिस कमिश्नर
- दुष्यंत नरियाला – नई मुख्य सचिव
- संघमित्रा घोष – नई गृह सचिव
TMC का पलटवार:
TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा: “यह घबराहट में उठाया गया कदम है। भाजपा केंद्र की ताकत से राज्यपाल या वरिष्ठ अधिकारियों को बदल सकती है, लेकिन बंगाल की जनता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच रिश्ते को कमजोर नहीं कर सकती।”
उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है और पहली महिला मुख्य सचिव को मनमाने तरीके से हटाया गया। घोष ने केंद्र पर 1.96 लाख करोड़ रुपये से अधिक के बकाया रोकने का भी आरोप लगाया।
BJP का जवाब:
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा: “मुझे खुशी है कि चुनाव आयोग ने उन ईमानदार अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है, जिन्हें ममता बनर्जी सरकार ने इसलिए किनारे किया था क्योंकि वे TMC की हिंसक कार्रवाइयों के खिलाफ थे।”
उन्होंने कहा कि IAS और IPS के निष्पक्ष अधिकारियों को टीएमसी शासन में महत्वहीन पदों पर रखा गया था। अब वे कानून-व्यवस्था संभालकर शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करेंगे।
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