कोलकाता, 30 मार्च 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं और चुनाव आयोग (ECI) ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर दिया है। आयोग ने राज्य के 173 पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर के आदेश जारी किए हैं, जिसमें कोलकाता के 31 पुलिस स्टेशनों के अधिकारी भी शामिल हैं।
इसके अलावा 83 ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) और सहायक रिटर्निंग अधिकारी (ARO) का तबादला किया गया है। चुनाव आयोग सूत्रों के अनुसार, यह एक दिन में किए गए ट्रांसफर में से सबसे बड़ा फेरबदल माना जा रहा है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कलकत्ता हाई कोर्ट में 60 वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारियों के पहले किए गए तबादलों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई चल रही है। याचिका में मुख्य सचिव, गृह सचिव और DGP जैसे टॉप अधिकारियों के ट्रांसफर पर सवाल उठाए गए हैं।
भवानीपुर और नंदीग्राम में भी फेरबदल
चुनावी दृष्टि से सबसे संवेदनशील मानी जाने वाली सीटों पर भी बदलाव किए गए हैं।
- भवानीपुर और नंदीग्राम पुलिस स्टेशनों के प्रभारी अधिकारी (OC) बदल दिए गए हैं।
- कोलकाता में STF इंस्पेक्टर सौमित्र बसु अब भवानीपुर के नए OC होंगे।
- पार्क स्ट्रीट के नए OC निरुपम नाथ और जोड़ासांको के OC सुशांत मंडल होंगे। दोनों को डिटेक्टिव डिपार्टमेंट से लाया गया है।
- अलीपुर, गार्डन रीच, एंटाली, गरियाहाट, बोबाजार और न्यू मार्केट पुलिस स्टेशनों के अधिकारियों को भी बदला गया है।
- भांगर और पोलरहाट पुलिस स्टेशनों का कार्यभार संभालने के लिए दो नए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
पूर्वी मिदनापुर में सबसे ज्यादा 13 तबादले हुए हैं, जिसमें नंदीग्राम के दोनों ब्लॉक शामिल हैं। नंदीग्राम-I में संजय सिकदर और नंदीग्राम-II में देबोत्तम सरकार को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिलेवार ट्रांसफर का ब्योरा
- जलपाईगुड़ी: 4
- कूचबिहार: 3
- नदिया: 5
- मुर्शिदाबाद और हुगली: 4-4
- बीरभूम: 6
- बांकुड़ा: 4
- पुरुलिया: 3
- उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, हावड़ा और पश्चिम बर्दवान: 1-1
क्यों हो रहे हैं इतने ट्रांसफर?
चुनाव आयोग का कहना है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ये बदलाव जरूरी हैं। 15 मार्च को चुनाव की घोषणा के बाद से आयोग ने तीन चरणों में तबादले किए हैं। पहले चरण में टॉप लेवल के अधिकारी (मुख्य सचिव, गृह सचिव, DGP, एडीजी) बदले गए।
दूसरे चरण में जिला स्तर के अधिकारी (DM, DIG, SP, डिप्टी कमिश्नर) का तबादला हुआ। अब तीसरे और अंतिम चरण में सबसे निचले स्तर के अधिकारियों (IC, OC, BDO, ARO) के ट्रांसफर हो रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
राजनीतिक दल इस बड़े फेरबदल को “राजनीतिक हस्तक्षेप” बता रहे हैं। ममता बनर्जी सरकार का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर ट्रांसफर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। वहीं, BJP का दावा है कि यह कदम निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
चुनावी कैलेंडर
- पहला चरण: 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान
- दूसरा चरण: 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान
- मतगणना: 4 मई को
चुनाव आयोग का यह कदम निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक हस्तक्षेप बता रहा है। अब देखना होगा कि ये तबादले चुनावी माहौल पर कितना असर डालते हैं।
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