कोलकाता | 18 नवंबर 2025 : पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान निर्वाचन आयोग ने फर्जी और मृत मतदाताओं की पहचान करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सत्यापन प्रणाली लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि यह कदम मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए उठाया जा रहा है।
🤖 एआई तकनीक का उपयोग कैसे होगा?
- एआई प्रणाली मतदाता डेटाबेस में तस्वीरों का विश्लेषण करेगी।
- चेहरे की समानता (Face Matching Technology) से यह पता लगाया जाएगा कि कहीं एक ही व्यक्ति की तस्वीर कई स्थानों पर तो दर्ज नहीं है।
- विशेषकर प्रवासी श्रमिकों की तस्वीरों के दुरुपयोग की शिकायतों को रोकने पर ध्यान दिया जाएगा।
मतदाता डेटाबेस में तस्वीरों में चेहरे की समानता का विश्लेषण करके एआई प्रणाली कई स्थानों पर पंजीकृत व्यक्तियों की पहचान करने में मदद करेगी।
🗣️ अधिकारियों का बयान
- शिकायतों में वृद्धि के कारण एआई तकनीक को शामिल किया जा रहा है।
- एआई केवल सहायक भूमिका निभाएगा, जबकि बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) सत्यापन प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभाते रहेंगे।
- BLO को घर-घर जाकर मतदाताओं की तस्वीरें लेनी होंगी।
- यदि फर्जी या मृत मतदाता पाया जाता है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित मतदान केंद्र के BLO की होगी।
उन्होंने कहा कि यह उपाय महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि ऐसी शिकायतें बढ़ रही हैं कि मतदाता पंजीकरण के दौरान प्रवासी श्रमिकों की तस्वीरों का दुरुपयोग किया जा रहा है। हालांकि, अधिकारी ने कहा कि बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) सत्यापन प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभाते रहेंगे।

⚖️ महत्व और पृष्ठभूमि
- बंगाल में मतदाता सूची को लेकर लंबे समय से पारदर्शिता की मांग रही है।
- SIR प्रक्रिया का उद्देश्य है कि फर्जी नाम हटाए जाएं और पात्र मतदाताओं को शामिल किया जाए।
- एआई तकनीक से चुनाव आयोग को उम्मीद है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों को कम किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘एआई सत्यापन में सहायता करेगा। लेकिन प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के बावजूद बीएलओ की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी। उन्हें घर-घर जाकर मतदाताओं की तस्वीरें लेनी होंगी। यदि गणना और फॉर्म भरने के बाद कोई फर्जी या मृत मतदाता पाया जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ की होगी।’’
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



