कोलकाता। भाजपा नेता दिलीप घोष ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कुछ महीनों के बाद चुनाव होने जा रहे हैं और ममता बनर्जी को अब अपनी हार साफ दिखाई दे रही है, इसलिए वो लोगों की आवाज दबाने पर आमादा हैं।
वो अपने विरोध में उठने वाली हर आवाज को कुचल देना चाहती हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि ऐसा करने से पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति उनके पक्ष में हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि जब आरजी कर मेडिकल कॉलेज प्रकरण के विरोध में डॉक्टरों ने मोर्चा खोला, तो उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। इसके अलावा राज्य सरकार अन्य अधिकारियों पर दबाव दे रही है।
सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में कोई भी उनकी आलोचना करने वाला नहीं रहे। शिक्षकों ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। लेकिन, ममता की पुलिस ने शिक्षकों के खिलाफ भी बदसलूकी की।

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को यह समझना होगा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोधी इसलिए होते हैं, ताकि वो सरकार की खामियों को जनता के बीच रख सकें।
लेकिन, यह दुख की बात है कि ममता बनर्जी किसी की भी बात को सुनने के लिए तैयार नहीं हो रही हैं।
उन्होंने तो प्रदेश में अजब किस्म की परिस्थिति पैदा कर दी है। वो अब लोकतंत्र के मूल ढांचे को ही तबाह करने पर आमादा हो चुकी हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
दिलीप घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अराजकता की स्थिति है। आए दिन महिलाओं के साथ अपराध हो रहे हैं। लोग ऐसे व्यवहार कर रहे हैं, जैसे सरकार का शासन नहीं है। लोग इस सरकार से त्रस्त हैं।
उन्होंने तेजस्वी यादव को लेकर कहा कि अगर उन्हें लग रहा है कि वो राहुल गांधी को अपने राज्य में बुलाकर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति अपने पक्ष में कर पाएंगे, तो मैं स्पष्ट कर दूं, यह उनकी गलतफहमी है।
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