कोलकाता हिन्दी न्यूज | 14 अगस्त 2026: पश्चिम बंगाल में पहली बार सत्ता में आने के करीब तीन महीने बाद ही बीजेपी ने संगठन को लेकर बड़ा प्रशिक्षण अभियान शुरू करने का फैसला किया है।
सत्ता परिवर्तन के बाद पार्टी के निचले स्तर पर सामने आ रही कथित अनुशासनहीनता, वैचारिक विचलन और अनैतिक गतिविधियों की शिकायतों के बीच बीजेपी अब अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, अनुशासन और सत्ता में रहते हुए जिम्मेदारियों का पाठ पढ़ाने की तैयारी में है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में करीब 350 नेताओं और पदाधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
इन्हें प्रशिक्षण देने के लिए केंद्रीय नेतृत्व के कई वरिष्ठ नेता बंगाल पहुंचेंगे। इसके बाद यही प्रशिक्षित नेता राज्य के अलग-अलग जिलों में जाकर पार्टी के अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे।
350 नेताओं की होगी ‘पार्टी क्लास’
प्रशिक्षण शिविर का आयोजन विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में किया जाएगा। इसमें करीब 350 नेता ‘छात्र’ की भूमिका में होंगे। इनमें सभी जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, संगठन से जुड़े चयनित विधायक, राज्य मोर्चा अध्यक्ष और राज्य समिति के सदस्य शामिल रहेंगे।
पार्टी का उद्देश्य केवल संगठनात्मक प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि सत्ता में आने के बाद बदली राजनीतिक परिस्थितियों में बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका को भी स्पष्ट करना है।
अब तक विपक्ष में रहते हुए सरकार के खिलाफ आंदोलन करने वाले कार्यकर्ताओं को यह समझाया जाएगा कि सत्ता में आने के बाद प्रशासन और जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारियां किस तरह बदलती हैं।
मोदी-शाह के करीबी नेता देंगे प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में केंद्रीय नेतृत्व के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। आगामी 16 अगस्त को शिवप्रकाश, सुनील बंसल और मंगल पांडे समेत केंद्रीय नेतृत्व के कई नेता राज्य और जिला स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देंगे।
बीजेपी के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) शिवप्रकाश को प्रशिक्षण कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।
इसके बाद राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल भी नेताओं को संबोधित करेंगे। प्रशिक्षण देने वालों में मंगल पांडे और अमित मालवीय जैसे नेताओं के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
इसके अलावा दिनेशानंद गोस्वामी और सांसद कविता पाटीदार समेत कई अन्य नेताओं के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।
प्रदेश नेतृत्व भी बनेगा ‘शिक्षक’
केंद्रीय नेताओं के अलावा बंगाल बीजेपी के वरिष्ठ नेता भी प्रशिक्षण देंगे। प्रदेश स्तर पर शमिक भट्टाचार्य, अमिताभ चक्रवर्ती, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय और दीपक बर्मन को प्रशिक्षण देने वालों की सूची में रखा गया है।
इन नेताओं के माध्यम से कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक अनुशासन और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
निचले स्तर पर ‘विचलन’ की शिकायतों से चिंतित पार्टी
दरअसल, बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बीजेपी के सामने एक नई चुनौती भी खड़ी हुई है। पार्टी के भीतर ही निचले स्तर पर कथित तौर पर अनुशासनहीनता और अनैतिक गतिविधियों की शिकायतें सामने आने लगी हैं।
पार्टी नेतृत्व को कई जगहों से कथित वसूली, गुटबाजी और पार्टी विरोधी गतिविधियों की शिकायतें मिली हैं। इन मामलों को लेकर प्रदेश नेतृत्व के कई वरिष्ठ नेताओं को कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक रूप से कड़ी चेतावनी भी देनी पड़ी है।
जानकारी के मुताबिक, पार्टी विरोधी और अनुशासनहीन गतिविधियों के आरोप में अब तक 250 से अधिक कार्यकर्ताओं को निलंबित किया जा चुका है।
इसी पृष्ठभूमि में बीजेपी नेतृत्व अब संगठन के निचले स्तर तक पार्टी की विचारधारा और अनुशासन को मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
सत्ता में आने के बाद बदलेगी कार्यकर्ताओं की भूमिका
बीजेपी लंबे समय से खुद को एक अनुशासित और कैडर आधारित राजनीतिक संगठन के रूप में पेश करती रही है। लेकिन पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका विपक्ष के दौर से पूरी तरह अलग हो गई है।
विपक्ष में रहते हुए जहां कार्यकर्ताओं का मुख्य फोकस सरकार के खिलाफ आंदोलन और राजनीतिक संघर्ष पर था, वहीं अब उन्हें सरकार के साथ समन्वय, प्रशासनिक जिम्मेदारियों और जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की भूमिका समझनी होगी।
इसी बदलाव को प्रशिक्षण कार्यक्रम का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
जिलों में भी होगी ट्रेनिंग
राज्य स्तर पर करीब 350 नेताओं को प्रशिक्षण देने के बाद इन्हें अलग-अलग जिलों में भेजा जाएगा। ये नेता जिला स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक ढांचे और मौजूदा परिस्थितियों में जिम्मेदारियों के बारे में प्रशिक्षण देंगे।
बताया जा रहा है कि 22 से 30 अगस्त के बीच जिलों में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक प्रशिक्षण शिविर की अवधि एक रात और दो दिन की होगी।
इन शिविरों में भारतीय जनसंघ के गठन से लेकर बीजेपी के निर्माण तक के राजनीतिक और वैचारिक सफर पर भी चर्चा की जाएगी। साथ ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों और बीजेपी की मूल विचारधारा को कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।
पार्टी की नजर संगठन को मजबूत करने पर
बंगाल में सत्ता हासिल करने के बाद बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब संगठन को सत्ता के अनुरूप ढालने की है।
ऐसे में 350 नेताओं का यह प्रशिक्षण अभियान केवल एक सामान्य संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पार्टी के निचले स्तर तक अनुशासन और वैचारिक नियंत्रण मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
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