कोलकाता | 3 सितंबर 2025 : पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब भाजपा नेता राकेश सिंह को कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में तोड़फोड़ के आरोप में कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
यह घटना बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान हुई, जिसमें बैनर-पोस्टर फाड़े गए, दरवाजे और खिड़कियों को नुकसान पहुंचाया गया, और कांग्रेस नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की भी खबरें सामने आईं।
📌 क्या है मामला?
- कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर उनके प्रदेश कार्यालय पर हमला किया
- पुलिस ने मौके से 3 अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया
- राकेश सिंह को सियालदह कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया
🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रिया:
- कांग्रेस ने इस घटना को राजनीतिक गुंडागर्दी बताया
- भाजपा ने कहा कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध है और राकेश सिंह को झूठे आरोपों में फंसाया गया
- तृणमूल कांग्रेस ने दोनों दलों को राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की सलाह दी
अधिकारी ने बताया कि सिंह को कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ करते देखा गया था। पुलिस ने बताया कि हमले के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के कटआउट और झंडे फाड़ दिए गए थे।
👮♂️ पुलिस की कार्रवाई:
- कोलकाता पुलिस ने CCTV फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर कार्रवाई की
- IPC की धारा 147, 149, 427 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया
- पुलिस ने कहा कि “कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी”
अधिकारी ने बताया, ‘‘रविवार रात पुलिस अधिकारियों ने उनके आवास पर छापा मारा, लेकिन वह वहां नहीं थे। उनके बेटे शिवम सिंह से कई बार पूछताछ की गई और बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया।’’
पुलिस ने कहा, ‘‘छिपने के दौरान राकेश सिंह ने पुलिस को धमकी देते हुए एक वीडियो क्लिप जारी किया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर नाराजगी जाहिर की। उस वीडियो के जारी होने के दो दिन बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।’’
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